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अन्ना मवेशियों का जमवाड़ा, राहगीरों की सुराक्षा के लिए खतरा---

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फतेहपुर सड़कों और फुटपाथों पर बने कूड़ा डंपिंग सेंटर राहगीरों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। शहर के 57 कूड़ा डंपिंग सेंटर मुख्य सड़कों पर हैं। यहां पर जमा अन्ना मवेशी यातायात व्यवस्था प्रभावित कर रहे हैं। इसके बावजूद नगर पालिक अन्ना मवेशियों को पकड़ने को लेकर गंभीर नहीं है।
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शहर के आईटीआई रोड, मिशन अस्पताल के सामने, वर्मा तिराहा, एलआईसी के सामने, पत्थरकटा चौराहे के समीप, करुणा जीवन ज्योति अस्पताल के समीप, एसपी आवास के समीप, पीलू तले के समीप, आबूनगर समेत शहर के 57 स्थानों पर कूड़ा डंपिंग सेंटर बने हैं।
डंपिंग सेंटर में बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी जमा रहते हैं। कभी-कभी अन्ना मवेशी आपस में लड़ते हुए बीच सड़क पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है। जबकि पिछले साल नगर पालिका ने 22 लाख कीमत की मशीन खरीदी थी, जो नगर पालिका के कबाड़ के बीच में खड़ी जंग खा रही है।
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ईओ नगर पालिका मीरा सिंह का कहना है कि जबतक नगर पालिका का अपना कांजीहाउस बनकर तैयार नहीं होता है, तबतक अन्ना मवेशियों की समस्या का निराकरण नहीं हो सकता है। नगर पालिका के पकड़े गए मवेशी कोई भी गोशाला लेने को तैयार नहीं है। ऐसे में मजबूर होकर नगर पालिका ने अन्ना मवेशी पकडने का अभियान स्थगित कर रखा है। मलाका में पालिका को कांजीहाउस बन रहा है। साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद मवेशियों की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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