खजुहा विकास खंड का बहादुरपुर पंप कैनाल रिंद नदी के
सूखने से बंद हो गया। इससे दर्जनों गांव की हजारों बीघे फसल बर्बाद हो रही
है। किसानों में हड़कंप मचा है। विगत दो वर्षों से ओलावृष्टि व सूखे की मार
से बर्बाद किसानों ने नदी में नहरों व अन्य किसी उपाय से पानी छोड़ने की
मांग की है।
खजुहा विकास खंड के रिंद नदी के तटवर्ती गांव डांडा अमौली,
रणमस्तपुर, गांजर, रामधीनपुरवा, बहादुरपुर, हबीबपुर, मोहतमपुर, भारतपुर
सहित दर्जनों गांव के किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए बहादुरपुर पंप कैनाल
कांग्रेस शासन काल में 1969 में बनवाया गया था। जिससे किसानों की खेती ठीक
हो गई थी।
इस क्षेत्र का किसानों के परिवारों का भरण पोषण चलने लगा था। विगत
दो वर्षों से दैवी आपदा के तहत ओलावृष्टि व सूखे के शिकार किसानों को ऐन
वक्त पर पंप कैनाल ने भी धोखा दे दिया।
क्षेत्र के किसानों में पूर्व
प्रधान पप्पू, शब्बीर, शमसुद्दीन, मुशीर, शैलेंद्र, छेद्दा, संदीप पटेल,
देवेंद्र यादव आदि ने कहा कि शासन व प्रशासन को रिंद नदी में पानी पहुंचाने
की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित कराया जाए वरना इस क्षेत्र का किसान भुखमरी
की कगार पर आ जाएगा।
पंप कैनाल के आपरेटर जीत सिंह ने बताया कि ग्रामीणों
की मदद से नदी में बंधा लगवा कर पानी रोकने का प्रयास किया था। ऊपर से ही
पानी न आने के कारण मशीनें बंद हो गई हैं। किसानों को पानी देने के प्रयास
किए जा रहे हैं।