धान की खरीद में फिसड्डी रहने वाले क्रय केंद्रों पर
प्रशासन की नजर टेढ़ी हो चुकी है। खरीद का आधा समय पूरा होने के बाद 45
फीसदी धान की खरीद न करने वाले क्रय केंद्रों पर कार्रवाई की जा रही है।
क्रय केंद्र के प्रभारियों से खरीद की समीक्षा का दैनिक कार्य हो रहा है।
पीसीएफ के नवाबगंज में संचालित खरीद केंद्र को लक्ष्य में फिसड्डी पाए जाने
पर निरस्त कर दिया है।
जिले में चार लाख 58 हजार क्विंटल धान की खरीद
का लक्ष्य है। जिसमें सात एजेंसियों के 39 खरीद केंद्र हैं। यह एक नवंबर से
खुले हैं। खरीद की बात करें तो अभी तक सिर्फ 75 हजार क्विंटल धान की खरीद
हो सकी है।
पीसीएफ और यूपीएसएस के छह खरीद केंद्रों मेें तो खरीद के नाम पर
सिर्फ बोहनी ही र्हुई है। ऐसे क्रय केंद्रों पर प्रशासनिक शिकंजा कसना
शुरू हो गया है।
जिसकी जद में आए खागा तहसील के नवाबगंज में संचालित पीएसएफ
क्रय केंद्र को निरस्त किया जा चुका है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी
रवि गौतम ने बताया कि पीसीएफ का 20 हजार क्विंटल और यूपीएसएस का 30 हजार
क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है।
जिस खरीद केंद्र में लक्ष्य पूरा
नहीं होगा, उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। गेहूं और धान की फसल में
दोबारा खरीद केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। क्रय केंद्र के प्रभारियों से धान
खरीद की दैनिक रिपोर्ट ली जा रही है। खरीद न होने वाले क्रय केंद्रों का
औचक निरीक्षण किया जाता है।