फतेहपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ऐसे लोगों को दे दिया गया जो वास्तव में इसके पात्र नहीं थे। कृषि विभाग ने जब लाभार्थियों की जांच शुरू की तो शुरुआती जांच में ऐसे लोग सामने आए हैं, जो सरकारी नौकरी, इंजीनियर और भूमिहीन थे।
एक ऐसा भी व्यक्ति सामने आया जिसकी पत्नी सरकारी अध्यापिका है और वह किसान निधि का लाभ ले रहा था। कई पेंशन भोगी भी किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। अपात्र मिले इन लोगों से अब विभाग रिकवरी की तैयारी कर रहा हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त के लिए जिले के तीन लाख 35 हजार किसान जुड़े हैं। इस योजना के तहत साल में छह हजार रुपये किसानों को खेती करने के लिए दिया जाता है।
हर चौथे महीने दो-दो हजार रुपये किसान के खाते में भेजे जाते हैं। कृषि विभाग में पंजीकरण कराने वाले किसानों को इस योजना में शामिल किया गया है।
लघु, सीमांत और बड़े किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन यह नियम भी तय किया गया हैं कि जो किसान नौकरी करते हैं और उनकी 10 हजार रुपये से अधिक महीने की आय है, उनको इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही अधिवक्ता, इंजीनियर और डॉक्टरी करने वालों के नाम खेत हैं, तो वह अपात्र की श्रेणी में आएंगे। पिछले माह कृषि विभाग ने योजना से जुड़े किसानों की पात्रता की जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में ऐसे अपात्र मिले। जिन्होंने विभाग की भी नींद उड़ा दी। जांच में 23 किसान ऐसे मिले हैं जो इस योजना के लिए पात्र ही नहीं थे। इन 23 में पांच सरकारी नौकरी करने वाले, दो इंजीनियर (प्राइवेट) और आठ पेंशन भोगी हैं।
एक की पत्नी सरकारी टीचर है और वह भी योजना का लाभ ले रहा था। एक मृतक को भी किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। कृषि विभाग इनसे अब रिकवरी करेगा।
किसान सम्मान निधि का लाभ ऐसे लोग भी लेते मिले जिनके पास एक इंच भी जमीन नहीं थी। वह लोग किसान बनकर योजना का लाभ लेते ले रहे थे। जांच में पांच ऐसे लोग मिले हैं जो भूमिहीन होते हुए भी योजना का लाभ उठा रहे थे। भूमिहीनों को किसान सम्मान योजना का लाभ मिलने से विभागीय लोगों पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि योजना के लाभ के लिए किसान को खतौनी लगाना अनिवार्य है।
नाम अपात्र की श्रेणी
आरके उत्तम सरकारी नौकरी
चंद्रपाल पेंशन भोगी
शिवशंकर पेंशन भोगी
कीर्ति शंकर इंजीनियर (प्राइवेट)
विमल सिंह इंजीनियर (प्राइवेट)
हरिश्चंद्र पेंशन भोगी
चंदा देवी पेंशन भोगी
सुधा भूमिहीन
प्रीति भूमिहीन
सविता भूमिहीन
मैकी मृतक
आनंद कुशवाहा सरकारी नौकरी
सुक्खू भूमिहीन
ज्ञान सिंह पेंशन भोगी
जितेंद्र सिंह पत्नी सहायक अध्यापक
चंदा देवी शुक्ला पेंशन भोगी
कृपाल मिश्रा पेंशन भोगी
ओमनाथ अपात्र
मंजुल तिवारी सरकारी नौकरी
ज्ञान सिंह पेंशन भोगी
संतोष सरकारी नौकरी
जयप्रकाश सरकारी नौकरी
मनोज भूमिहीन
तथ्य छिपाकर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों की जांच कराई जा रही है। पहले चरण में 23 लोग अपात्र पाए गए हैं। इनसे रिकवरी कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - बृजेश सिंह, उप कृषि निदेशक
उप कृषि निदेशक कार्यालय में पीएम किसान सम्मान निधि की जांच करते अधिकारी- फोटो : FATEHPUR