सदर अस्पताल के पास स्थिति रेस्टोरेंट में सन्नाटा
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पांच सौ और हजार की नोट पर पाबंदी लगने के बाद गुलजार रहने वाले रेस्टोरेंट और होटल में सन्नाटा पसरता जा रहा है। तरह तरह के लजीज व्यंजन का स्वाद लेने वाले लोग जेब कड़की होने के चलते घर की रसोई के पकवान से मन भर रहे हैं। स्वैपिंग मशीन की सुविधा इक्का दुक्का जगह पर होने से डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और रुपये कार्ड का उपयोग करने वाले भी निराश हो रहे हैं। लिहाजा इस कारोबार की भी कमर टूट गई है। धंधा एक तिहाई कम हो गया है। कुछ कारोबारियों ने तो कुछ समय के लिए कुछ कर्मियों की छुट्टी कर दी है।
मंगलवार की आधी रात से पांच सौ और हजार के नोट चलन से बाहर कर दिए जाने का असर रेस्टोरेंट और होटल पर पड़ा है। नामी-गिरामी होटल और रेस्टोरेंट इसकी गवाही दे रहे हैं। वेज, नानवेज, फास्ट फूड, ड्रिक आदि का दोस्तों और परिवारिकों के साथ यहां पर जायका लेने वालों की संख्या दिन ब दिन नीचे गिरती जा रही है। शहर के इकलौते तीन सितारा होटल डिप्लोमेट के मैनेजर बिलाल कहते हैं कि मौजूदा समय में 40 फीसदी धंधा सिमट कर रहा गया है। इसमें भी प्रेस काफ्रेंस और अन्य फंक्शन शामिल है।
उनके यहां स्वैपिंग मशीन लगी है। इसका प्रयोग करने बमुश्किल 20 फीसदी कस्टमर हैं। सदर अस्पताल के पास स्थित अलबेक फेमिली रेस्टोरेंट का व्यवसाय आम दिनों की अपेक्षा 20 फीसदी रह गया है। मैनेजर मोहम्मद रुहान ने बताया कि दिनभर में 100 कस्टमर के लाले हैं। रोजाना 500 से 600 कस्टमर आते रहे हैं। वह शर्तो के साथ प्रतिबंधित नोट ले रहे हैं। मसलन 500 रुपये पर 400 रुपये और 1000 रुपये पर 800 रुपये खर्च करता है तो उसे इस सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। बकौल हारुन, धंधे में लगी नोट के चलते कुछ कर्मियों को हालात सामान्य होने तक घर बैठने को कहा गया है। आईटीआई रोड स्थित अजय स्वीट्स रेस्टारेंट का भी यही हाल है। यहां के मैनेजर अवनीश गुप्त बताते हैं कि नोट बंद होने से धंधे की कमर टूट चुकी है। रेस्टोरेंट की कुर्सियां खाली रहती हैं। डेली के कस्टर भी कम हुए हैं। प्रतिबंधित रुपये लेने के लिए वह जल्द स्वैपिंग मशीन लगवाने जा रहे हैं।