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गुरुजनों का सम्मान, दी विदाई

Sun, 06 Sep 2015 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त 196 शिक्षकों को ससम्मान विदाई दी। रविवार को शगुन मैरिज हाल में आयोजित सम्मान समारोह में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी नरेश उत्तम ने शिक्षकों को देयों के चेक के साथ गीता और शाल भेंटकर सम्मानित किया। मुसलिम शिक्षकों को कुरान पाक भेंट की गई।
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इससे पूर्व कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम, जिलाधिकारी पुष्पा सिंह, जहानाबाद विधायक मदनगोपाल वर्मा, डीआईओएस नंदलाल यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत करके अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि सपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि सेवा निवत्त शिक्षक प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन सामाजिक सेवा में उनकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ईमानदार और कर्तव्य परायण शिक्षकों की संतानें अच्छे पदों पर आसीन होकर देश और समाज का नाम रोशन करती हैं। जिलाधिकारी पुष्पा सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त होकर शिक्षक अपने को शिक्षा से अलग न करें। बच्चों को स्कूल भेजने में उनकी महती भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए वह पूरी तरह से तत्पर हैं। इसके लिए बीएसए ने पाठ्यक्रम विभाजन तैयार किया है, जो 15 सितंबर से लागू किया जाना है। इसमें सभी शिक्षक योगदान करें। विधायक मदनगोपाल ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का गुणगान किया। डीआईओएल नंदलाल यादव ने समारोह की सराना की। बीएसए विनय कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों ने पता नहीं कितने जनप्रतिनिधि, अधिकारी बनाए हैं। समाज के विकास में उनकी भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इसके पहले अतिथियों का फूलमाला, बैच लगाकर स्वागत किया गया। बाद में प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए गए। कार्यक्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारी, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, विधायक प्रतिनिधि सुनील उमराव, राजसेन श्रीवास्तव, शिवसेवक श्रीवास्तव, विवेक द्विवेदी, अनिल मिश्रा समेत बड़ी तादाद में शिक्षक मौजूद रहे।


छात्रों को अतिरिक्त फीस होगी वापस
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अप्रैल, मई, जून महीने की दोबारा वसूली शुल्क वापस करने के निर्देश जारी किए हैं। डीआईओएस ने सभी राजकीय, वित्तपोषित, वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को शुल्क समायोजित करने या फिर वापस करके दस दिन में सूचित करने का फरमान जारी किया है।
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डीआईओएस नंदलाल यादव ने बताया कि शिक्षा सत्र के समय का परिवर्तन होने से छात्र-छात्राओं से पहली अप्रैल से 31 मार्च तक का शुल्क लिया जाना है, लेकिन पिछले सत्र में अप्रैल, मई, जून महीने का शुल्क लिया था। इसके बाद चालू सत्र में दोबारा वसूला है। यह पूरी तरह से अवैध है। प्रधानाचार्यों को जारी पत्र में कहा गया है कि कक्षावार समायोजित या फिर वापस कि ए गए शुल्क का विवरण तैयार करके दस दिन के अंदर उनके कार्यालय में प्रेषित करें। ऐसा न करने पर अगर किसी कालेज में शुल्क वापस न करने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ विभागीय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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