संयुक्त शिक्षा निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा
डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि ट्रामा सेंटर 31 मार्च तक संसाधनों से लैस हो
जाएगा। जल्द ही डाक्टर समेत समस्त स्टाफ की भर्ती संविदा पर करने की तैयारी
की जा रही है। उन्होंने अस्पताल में आशा बहुओं के दखल पर चिंता जताते हुए
कहा कि जल्द ही कुछ चिह्नित की गईं आशा बहुओं की सेवा समाप्त की जाएगी।
सोमवार
को एडी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर महिला और पुरुष अस्पताल की
कार्यशैली को पहले से बेहतर बताया। कहा कि इसके पहले निरीक्षण में अस्पताल
की हालत दयनीय मिली थी।
इस बार वार्डों की सफाई व्यवस्था पर संतोषजनक है।
शिशु वार्ड बंद होने के सवाल पर कहा कि वार्ड की साफ सफाई कराने के साथ
बेड़ों की मरम्मत कराई जा चुकी है। स्टाफ की कमी से अभी तक शिशु वार्ड चालू
नहीं हो पाया है।
जल्द चालू करने की कोशिश की जा रही है। अस्पताल में
दवाओं और डाक्टरों की उपलब्धता को पर्याप्त बताते हुए कहा कि जल्द ही
ट्रामा सेंटर चलाने की योजना है। शासन ने संसाधनों की खरीद की प्रक्रिया
शुरू कर दी है।
हर हालत में 31 मार्च तक सभी संसाधन उपलब्ध हो जाएंगे।
विभाग डाक्टर समेत स्टाफ की भर्ती की योजना बना चुका है। प्रयास यह है कि
इसी वित्तीय वर्ष में जिलेवालों को ट्रामा सेंटर की सेवाएं मिलना शुरू हो
जाएं।
कहा कि आशा बहुओं की भर्ती के पीछे शासन की अच्छी मंशा थी लेकिन
विपरीत परिणाम आ रहे हैं। कुछ आशा बहुएं कमीशन के लालच में जच्चा बच्चा को
सरकारी अस्पताल लाने की बजाय निजी अस्पताल ले जा रही हैं।
इसी शिकायत पर
इलाहाबाद में 176 आशा बहुओं की सेवा समाप्त हो चुकी हैं। यहां पर भी
चिह्नित ऐसी आशा बहुओं की सेवा समाप्त की जाएगी। इससे पूर्व एडी ने महिला,
पुरुष अस्पताल के वार्ड, इमरजेंसी कक्ष, पैथालाजी, एक्सरे के साथ कार्यालय
का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों का रखरखाव और सुधारने के निर्देश दिए।