अदालत ने दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी पाए जाने पर दस साल की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। घटना 17 जून 2014 की है। कानपुर की एक 17 वर्षीय युवती अपनी मौसी के घर गाजीपुर थानाक्षेत्र के एक गांव आई थी। वह घर में अकेली थी, उसी दौरान कानपुर देहात के गजनेर थानाक्षेत्र के मुसईपुरवा गांव निवासी महेंद्र का बेटा अजय सिंह चौहान आ धमका। पीने के लिए पानी मांगने के बहाने घर में घुसा। इसके बाद दुष्कर्म कर भाग निकला था। घटना के बाद युवती का मौसेरा भाई आया। जिसे युवती ने आपबीती बताई।
मौसेरे भाई के साथ युवती ने पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। कोर्ट के आदेश पर 156(3) के तहत अभियुक्त के खिलाफ बलात्कार व पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ। अपर जिला जज कोर्ट नंबर एक विकार अहमद अंसारी ने मामले की सुनवाई की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीनारायण वर्मा ने अभियुक्त के खिलाफ दलीलें और सबूत पेश किए। इस पर कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थ दंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी लगाया है।