मंगलवार को दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश से ठिठुरन बढ़
गई है। गलन भरी ठंड में गरीब बेसहारा लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पूरे
दिन शहर में बंदी जैसा माहौल रहा। शहर के प्रमुख बाजारों में यदाकदा ही लोग
नजर आए। ठंड से बचने के लिए अधिकतर लोग पूरे दिन घरों में दुबके रहे। वहीं
बारिश ने किसानों की फसलों में वरदान साबित हुई। अब सूख रही फसलें हरीभरी
नजर आने लगी हैं।
ठंड का कहर लगातार तीन दिन से जारी है। मंगलवार को
अधिकतम पारा 21 से 16 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम पारा सात
डिग्री सेल्सियस पर ही अटका रहा। सूरज न निकलने से हांड़ कंपाने वाली ठंड
पड़ रही है।
बारिश की वजह से स्कूलों में भी बंदी जैसा माहौल रहा। वहीं
आसमान की बूंदों ने किसानों की कुछ समस्या हल कर दी है। गेहूं, चना, राई,
सरसों, ज्वार बाजारा की फसलों में रौनक आ गई है।
सूखा की मार से जमीन बंजर सी हो गई थी। फसलों में सिंचाई व खाद छिड़काव के बाद भी रौनक नहीं आ रही थी। लेकिन तीन दिन से हो रही ठंड से फसलों मेें कुछ बदलाव हुआ है। मंगलवार को हुई बारिश से सिंचित व असिंचित फसलों में रौनक आ गई है। दो लाख 48 हजार 44 हेक्टेयर में रबी फसल व दलहन, तिलहन, केला की फसलें बोई हैं।