सरकारी स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का जायजा लेने इलाहाबाद से आए एडी हेल्थ डॉ. ज्ञान प्रकाश को रेडियोलाजिस्ट नदारद मिले। रेडियोलाजिस्ट को न पाकर एडी हेल्थ ने कड़ी कार्रवाई की बात कही। सदर और जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मैन पावर की कमी भी उजागर हुई।
उन्होने इसे दूर कराने पर जोर देते हुए डेंगू के खतरे से जूझ रहे जिले के लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सीय सुविधा देने के निर्देश दिए। गुरुवार दोपहर 12 बजे के करीब एडी हेल्थ डॉ. ज्ञान प्रकाश ने सबसे पहले सदर अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं देखी। ओपीडी में डॉक्टर काम के बोझ से लदे मिले। हर डाक्टर ने 50 से ज्यादा मरीज देख लिए थे।
इस पर खुशी जाहिर करने के साथ उन्होने मरीजों का हमदर्द बनने की नसीहत दी। यहां से पैथालाजी विभाग का हाल लेने पहुंचे एडी हेल्थ को सीएमएस डॉ. एके मिश्र ने पैथालाजिस्ट न होने की बात बताई। साथ ही आटो सेमी एनालाइजर मशीन खराब होने से गुर्दे व लीवर की जांच न होने की जानकारी दी।
इस पर उन्होंने पैथालाजिस्ट की तैनाती जल्द होने की की उम्मीद बंधाने के साथ एनालाइजर मशीन उपलब्ध कराने की बात कही। पैथालाजिस्ट विभाग के बाद रेडियोलाजिस्ट विभाग पहुंचे एडी हेल्थ को दो रेडियोलाजिस्ट में केवल एक काम करता मिला।डॉ. मनु गोपाल को नदारद पाकर सवाल जवाब किया तो बताया गया यह उनका ढर्रा है।
इस पर एडी हेल्थ ने साफ कहा वह पहले से रेडियोलाजिस्ट से वाकिफ है। जल्द शासन स्तर से उन पर एक्शन होने जा रहा है। इसके बाद उन्होंने आईपीडी का हाल लिया और मरीजों से चिकित्सा सेवाओं की जानकारी भी ली। इस दौरान बच्चा वार्ड बंद होने की जानकारी मिली। सीएमएस ने बताया कि स्टाफ की कमी से वार्ड बंद रखना मजबूरी है।
एडी हेल्थ ने मैन पावर की कमी को महसूस करते हुए सीएमएस से स्टाफ की समस्या के मद्देनजर पत्राचार करने का निर्देश देकर जिला महिला अस्पताल का रुख किया। उन्होने यहां चिकित्सा सेवाओं की महिला सीएमएस डॉ. रेखा रानी से जानकारी ली। सीएमएस ने एडी हेल्थ को स्टाफ की कमी की समस्या बताई।