बिंदकी। बहरौली गांव के प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में गुजरात से लौटे पांच लोगों के परिवार की एक महिला की हालत बुधवार को अचानक खराब हो गई। परिजनों ने ग्राम प्रधान की मदद से उसे सीएचसी बिंदकी में भर्ती कराया। वहां से उसे फतेहपुर रेफर कर दिया गया। चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण महिला दर्द और बुखार से कराहती रही।
बिंदकी तहसील क्षेत्र के बहरौली गांव निवासी धर्मेंद्र अपनी पत्नी सोनल, माता निर्मला, पिता जितेंद्र और छोटे भाई धीरेंद्र के साथ गुजरात के नौसारी जिला में एक हीरा कंपनी में हीरे की घिसाई का काम करते थे। तेरह मई को वह गुजरात से अपने पूरे परिवार के साथ गांव बहरौली आए।
स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात सामान्य स्थिति होने पर गांव में ही स्थित प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में सात दिन से रह रहे थे। मंगलवार को अचानक धर्मेंद्र की पत्नी सोनल को तेज बुखार, उल्टी के साथ चक्कर आने लगे। बुधवार को तबीयत ज्यादा खराब देख परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
फतेहपुर ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस पर दोपहर लगभग एक बजे फोन किया गया लेकिन शाम पांच बजे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। महिला दर्द से कराहती रही। बाद में करीब सवा पांच बजे एंबुलेंस के आने पर महिला को सदर भेजा जा सका। चिकित्साधीक्षक सुनील कुमार चौरसिया ने बताया कि बिंदकी सीएचसी की एक एंबुलेंस पिछले कई दिनों से खराब है।
एंबुलेंस क्वारंटीन सेंटर में मरीजों को छोड़ने के बाद उन्हें सैनिटाइज किया जाता है इसलिए हो सकता है एंबुलेंस आने में देर हो गई हो फिर भी एंबुलेंस के ना आने के कारण की जांच की जाएगी।