किसानों को खाद संकट से जल्द निजात मिलेगी। बुधवार के शाम यूरिया की ढाई हजार मीट्रिक टन से ज्यादा की रैक आई है। इफको यूरिया की 2579.05 मीट्रिक टन ( 51 हजार 380 बोरी ) रैक आने के बाद अपनी-अपनी समितियों में पहले खाद ले जाने के लिए सचिव पीसीएफ कार्यालय व रेलवे रैक के स्थान पर शाम तक जमा रहे।
उधर, डीएम डीएम राकेश कुमार ने जिला सहकारिता प्रबंधक, पीसीएफ जिला प्रबंधक और क्षेत्रीय इफको प्रबंधक को निर्देश दिया कि यूरिया को नियम से वितरण कराया जाए। निर्देश के तहत अब एक किसान को दो बोरी ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
आखिर किसानों की लगातार मांग के बाद यूरिया की रैक आ गई। इसमें 51 हजार 380 बोरी यूरिया आई है। यूरिया के प्रति किसानों की मारामारी को देखकर डीएम ने सहकारिता, पीसीएफ प्रबंधक व इफको क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिया है कि एक दो दिन में जनपद की सभी समितियों में खाद पीसीएफ के ठेकेदार द्वारा पहुंचाई जाए।
पीसीएफ जिला प्रबंधक ने खाद के लिए रुपये जमा करने वाली सभी समितियों की लिस्ट बनाकर क्षेत्रीय इफको प्रबंधक को दे दी है। देर शाम होने के बावजूद भी रैक से कुछ समितियों को खाद पहुंचाई गई। एक माह से लगातार यूरिया की कमी रैक के आ जाने से खत्म हो जाएगी।
एक किसान को दो बोरी खाद ही मिलेगी। डीएम राकेश कुमार ने जिला सहकारिता प्रबंधक, पीसीएफ जिला प्रबंधक और क्षेत्रीय इफको प्रबंधक को निर्देश दिया कि यूरिया को नियम से वितरण कराया जाए। खाद वितरण में किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की शिकायत मिली तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
यूरिया खाद को सभी साधन सहकारी समितियों आवश्यकतानुसार दो से तीन ट्रक भेजी जाए। इससे यूरिया खाद की किल्लत खत्म हो जाए। साधन सहकारी समिति के सचिवों को निर्देशित किया है कि दो बोरी यूरिया से अधिक एक किसान को न दी जाए।
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रैक आने से यूरिया की मारामारी खत्म
फतेहपुर। किसानों को यूरिया खाद के लिए अब नहीं भटकना पड़ेगा। यूरिया खाद के अभाव से अधिकतर समितियों में तालाबंदी जैसी हालत बनी हुई है, जिसका फायदा प्राइवेट दुकानदार उठा रहे है। यूरिया खरीदने वाले किसानों से 100-150 रुपये अधिक लेकर खाद बेच रहे हैं। किसान फसलों को बचाने के लिए अधिक दाम में खाद खरीदने पर मजबूद हैं। बुधवार को रैक के आने से खाद की कालाबाजारी पर रोक लग जाएगी। किसानों को निर्धारित दाम पर साधन सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध हो जाएगी।
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रैक लगने से पहले ही समितियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। रेलवे रैक से ही सीधे सभी समितियों में खाद भेजी जाएगी। एक समिति को दो ट्रक खाद दी जाएगी। शेष बचने पर भंडारणगृहों में रखाई जाएगी। नरेंद्र सिंह तोमर, क्षेत्रीय इफको प्रबंधक।
कालाबाजारी पर अंकुश लागाने की मांग
फतेहपुर। यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए बुधवार को किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने सीडीओ व सहकारी समितियां, निबंधक को शिकायती पत्र दिया। इसमें समितियों में खाद पहुंचाने व दुकानदारों द्वारा कालाबाजारी रोकने की मांग की है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि दो माह से इफको की खाद ट्रकों से आ रही है। इसके बाद भी एक भी समिति में किसानों को खाद नहीं मिल रही है। बिंदकी के इफको केंद्र में किसानों की लाइन लगी रहती है। इसमें भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है। जबकि समिति व दुकानों में खाद बिक्री का एक दाम है। इसके बावजूद भी प्राइवेट दुकानदार 100 से 150 रुपये तक अधिक दाम में खाद बेच रहे हैं। समितियों में खाद का टोटा होने से किसान मजबूरी में अधिक दाम पर प्राइवेट दुकानों से अधिक दाम में खाद खरीद रहा है।