लोधीगंज/फतेहपुर। जनपद में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तेल कंपनियों की तरफ से दाम बढ़ाए जाने के बाद अब लोगों को वाहन चलाना महंगा पड़ रहा है। वहीं ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कंपनियों ने भाड़ा नहीं बढ़ाया तो उनकी बचत पर सीधा असर पड़ेगा।
जिले में पेट्रोल की कीमत 95.40 रुपये से बढ़कर 98.38 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 88.55 रुपये से बढ़कर 91.56 रुपये प्रति लीटर हो गया है। करीब तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से रोजाना सफर करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें अब पेट्रोल डलवाने के लिए लगभग तीन रुपये प्रति लीटर के हिसाब से अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ रहा है। कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो गाड़ी घर में खड़ी करनी पड़ेगी। वहीं, व्यापारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ेगा, इसका असर बाजार पर दिखाई देगा।
डीएसओ सुनील पुष्कार ने बताया कि रात 12 बजे से पेट्रोल व डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी कर दी गई है।
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ट्रांसपोर्टर की बचत पर पड़ेगा असर
उत्तर प्रदेश ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल त्रिवेदी ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टर्स की बचत कम हो जाएगी। अगर कंपनी ने किराया नहीं बढ़ाया तो आने वाले समय में ट्रकों की किस्त निकलना मुश्किल हो जाएगी।
कंपनियों के माल ढुलाई भाड़े पर टिकी हैं निगाहें
उत्तर प्रदेश ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महामंत्री मोहम्मद दानिर ने बताया कि पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद जिन कंपनियों का माल ढोते हैं। उनके मैनेजर से वार्ता की तो उन्होंने कोई सटीक उत्तर नहीं दिया। उनका कहना था कि मामूली से बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में वह अपने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बारे में निर्णय लेकर बताएंगे। -
अब ये महंगाई बर्दाश्त नही
नथनपुर गांव निवासी राजकरन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल बढ़ गया है। अगर और दाम बढ़े तो बाइक घर में खड़ी कर देंगे। हम पहले से ही बहुत परेशान हैं, अब ये महंगाई हमसे बर्दाश्त नहीं हो रही है।
आम आदमी के लिए मुश्किल हो रहा
सुप्पुर गांव निवासी शिवकरन ने कहा कि आवागमन तो आदमी की मजबूरी है। जरूरी काम हुए तो घर से निकलना ही पड़ता है। पेट्रोल चाहे सौ नहीं डेढ़ सौ रुपये पहुंच जाएं, लेकिन ये ठीक नहीं है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। आम आदमी इसे झेल नहीं पा रहा है।
फोटो-43-पंप पर पेट्रोल भराते लोग। संवाद
फोटो-43-पंप पर पेट्रोल भराते लोग। संवाद