फतेहपुर । लॉकडाउन ने कई परिवारों में बेरोजगारी की स्थिति ला दी है। परिवार के लोग शिफ्टों में काम करते थे और छोटे से घर में खुशहाल जीवन जी रहे थे।
25 मार्च से 21 दिन तक चलने वाले लॉकडाउन का उठाया गया कदम समाज हित में है। पर, इस कवायद ने तमाम परिवार को बेरोजगार की कतार में खड़ा कर दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि किसी परिवार से तीन सदस्य काम करते हैं तो किसी से पांच। कई परिवार ऐसे भी हैं जहां से तीन से चार लोग सुबह की नौकरी करते हैं तो इतने ही लोग रात की नौकरी करते हैं ।
मुस्लिम बहुल इलाकों में रहने वाले ऐसे परिवारों का यह सच सामने आने लगा है । मसवानी के रहने वाले फरीद बताते हैं वह सुबह टेंपो चलाकर परिवार का खर्च उठाते हैं जबकि बड़े भाई राशिद मलवा औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करते हैं।
इस वक्त दोनों भाई घर पर बैठे हैं ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल पड़ रहा है। लाला बाजार के मकसूद भी अपने तीन बेटों के साथ मेहनत का पसीना बहा कर 13 सदस्यों का भरण पोषण करते रहे हैं। अब घर पर बैठे हैं ऐसे में कमाई का जरिया ठप है।