फतेहपुर। भीषण गर्मी में बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। बिजली की मांग बढ़ने से विभाग ने अघोषित कटौती बढ़ा दी है। इस कारण लोगों को तय रोस्टर के मुताबिक भी बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
जिले की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। उमस भरी गर्मी में बिजली से ही राहत की उम्मीद रहती है। ऐसे में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। पहले जहां लोग एक पंखे से काम चला रहे थे, वहीं अब पंखे और कूलर भी खास राहत नहीं दिला पा रहे हैं। अचानक बढ़ी मांग से बिजली के फीडरों, लाइनों और ट्रांसफार्मरों पर भार बढ़ गया है
। इसके चलते फीडर गर्म होकर बार-बार ट्रिप कर रहे हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने के साथ ही तार भी टूट रहे हैं। ऐसे में बिजली विभाग फीडर को ठंडा करने, टूटे तारों की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने के लिए बिजली कटौती कर रहा है। लोड अधिक होने की बात कहकर घंटों आपूर्ति नहीं दी जा रही है।
यह समस्या सिर्फ दिन ही नहीं रात में भी रहती है। शहर के आबूनगर, हरिहरगंज, बेरुईहार, सथरियांव उपकेंद्र से जुड़े फीडरों को 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को छह से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। सबसे खराब स्थिति शहर के आबूनगर, मुराइन टोला और ग्रामीण क्षेत्र के थरियांव, असोथर उपकेंद्र की है। यहां लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लो वोल्टेज के कारण इन क्षेत्रों को बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं ने अधिशाषी अभियंता से हस्तक्षेप कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
अधीक्षण अभियंता राकेेश कुमार पांडेय ने कहा कि रोस्टिंग का आदेश ऊपर से होता है। उसके आधार पर शहर से गांव तक बिजली कटौती हो रही है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ने के कारण उपकेंद्र की मशीनों, ट्रांसफार्मरों और हाईटेंशन लाइनों में फाल्ट हो रहा है, जिससे बिजली सप्लाई बाधित होती है। उसको सही कराकर आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास कर रहे हैं।