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धुआं से शहर की हवा हो रही दूषित1

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polluyion - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। दिल्ली और कानपुर जैसे महानगरों की तर्ज पर शहर की भी आबोहवा जहरीली हो गई है। गुरुवार को कृषि विज्ञान थरियांव के मौसम विशेषज्ञ की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि सामान्य एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 से बढ़कर 167 हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक दिवाली के बाद से यह स्थिति हुई है। डीएम संजीव सिंह ने शहर में कूड़ा जलाने और गांव में खेतों में पुआल जलाने से निपटने के लिए शहरी क्षेत्रों में राजस्व और नगर पालिका एवं ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिव, लेखपाल और कृषि विभाग की टीमें गठित कर दी हैं।
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सामान्य तौर पर जिले में एक दिन में जितना पुआल जलता है, उससे प्रदूषण स्तर तीन दिन तक खराब रहता है। यही हाल रहा तो प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ने वाला है।
आम दिनों में प्रदूषण 0-50 एयर क्वालिटी इंडेक्स (यूलिक) रहता है। जो कि दिवाली के बाद से दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। अब यह आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है। शहर के गलियों, चौराहा में जलाए जा रहे कूड़ा और खेतों में जल रहे पुआल से इसके और बढने की संभावना है। अभी धान कटाई का सीजन आधा बाकी है। इसके लिए डीएम ने शहर और ग्रामीण दोनो
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क्षेत्रां के लिए पालिका, कृषि, राजस्व विभाग और पंचायत सचिवों की अलग-अलग टीमें बनाई हैं। ये टीमें पुआल जलाने वाले किसानों को चिन्हित करने और उनसे जुर्माना वसूलने का काम करेंगी। अधिकारियों के सुस्त रवैया से शहर में ही कूड़ा जलाने पर अंकुश नहीं लग रहा है। चौराहा व सड़क किनारे धड़ल्ले से कूड़ा जलाया जा रहा है। इसके अलावा किसान भी पीछे नहीं हैं। मशीनों से धान की फसल कटवाने के बाद पुआल जला रहे हैं। पुआल के
जलाए जाने से हवा में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इस समय बढ़े प्रदूषण से दमा के रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। इसी रफ्तार में प्रदूषण बढ़ता रहा तो सामान्य लोगों में प्रदूषण का असर दिखाई देने लगेगा। शहर के बाईपास में मशीन से धान कटाने के बाद किसान धड़ल्ले से पराली जला रहे हैं। टीमें जरुर गठित हो गई हैं लेकिन प्रशासन इन पर अंकुश लगाने में नाकाम है।
167 एयर क्वालिटी इंडेक्स होने की वजह से शाम को आंख में खुजली जैसा महसूस होता है। सामान्य तौर पर जिले में एक दिन में जितना पुआल जलता है, उससे प्रदूषण स्तर तीन दिन तक खराब रहता है। यही हाल रहा तो प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ने वाला है। - सचिन कुमार शुक्ला, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव
पुआल जलाने में चार किसानों को पहलेे चिह्नित किया जा चुका है। गुरुवार को हथगाम क्षेत्र के सरांय, बेला मोड़, अहिंदा गांव में तीन किसानों के खेतों में पुआल जलते मिले हैं। टीम को इन किसानों का नाम व श्रेणी पता करने को कहा गया है। दो एकड़ तक के किसानों से 500 रुपये, पांच एकड़ तक में 10 हजार और इससे अधिक जमीन वाले किसानों से 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। - अनिल कुमार पाठक, उप कृषि निदेशक
एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ने से हवा प्रदूषित हो रही है। इससे सांस फूलती है। दमा, टीवी, एलर्जी के मरीजों को पहले दिक्कत बढ़ती है। प्रदूषण अधिक होने पर सामान्य लोगों में असर दिखाई देने लगता है। प्रदूषण का ज्यादा असर टोल प्लाजा व जाम लगाने वाले स्थानों में अधिक होता है। यहां जाम में खड़े वाहन स्टार्ट रहते हैं। उनसे निकलने वाला धुआं हवा को दूषित करता है। हवा में घुला कार्बन मोनोआक्साइड सांसों के जरिए फेफड़ों में जाता है और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। - डॉ. डीके सचान, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
सफाई नायक-सफाई कर्मियों को कूड़े के ढेर में आग न लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कोई नगर पालिका कर्मी कचरे में आग लगाते हुए पकड़ा गया तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं शहर में ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर उसकी फोटो खींचने के निर्देश पालिका कर्मियों को दिए गए हैं। फिर आग लगाने वालों पर जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक हजार रुपये वसूला जाएगा। - मीरा सिंह, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
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