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Fatehpur News: लाइसेंसी रिवॉल्वर की तलाश में लखनऊ तक पुलिस की दबिश

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फाइल फोटो-20-मनीष दुबे। स्रोत: परिजन
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फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के असनी गांव निवासी मनीष की हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस लाइसेंसी रिवॉल्वर (आलाकत्ल) बरामद नहीं कर सकी है। हत्यारोपियों ने पूछताछ में रिवॉल्वर अपने साथी को देने की बात कबूली थी। पुलिस अब साथी समेत आरोपियों के करीबियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दे रही है।
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शनिवार रात मनीष दुबे की उसके पुत्र वैभव के सामने गांव के शराब दुकान संचालक सगे भाइयों अमन सिंह और इंद्रेश सिंह उर्फ मनु ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोप है कि हत्या में अमन की मां संगीता सिंह की लाइसेंसी रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रायबरेली के गेंगासों निवासी पंकज पांडेय को झोले में रखकर रिवॉल्वर दी गई थी। इसके बाद आलमपुर नरही गांव के खेरवा निवासी आशुतोष तिवारी रविवार सुबह पंकज के पास से रिवॉल्वर ले गया।
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पुलिस आशुतोष की तलाश में हुसैनगंज, जमरावां, आलमपुर नरही, असनी के अलावा रायबरेली, लालगंज और लखनऊ के मोहनलालगंज में छापा मारा। उसका मोबाइल बंद होने से पुलिस को लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
पुलिस को रायबरेली के लालगंज थाना क्षेत्र के घोसियाना निवासी आरोपियों के ममेरे भाई चेतन सिंह का भी सुराग नहीं मिला है। उस पर हत्यारोपियों को संरक्षण देने का आरोप है। पुलिस आशुतोष और चेतन के एक साथ होने की भी आशंका जता रही है।
प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपियों के मोबाइल बंद हैं इसलिए लोकेशन हासिल करने में दिक्कत आ रही है।

फाइल फोटो-20-मनीष दुबे। स्रोत: परिजन

फाइल फोटो-20-मनीष दुबे। स्रोत: परिजन

फाइल फोटो-20-मनीष दुबे। स्रोत: परिजन

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