खागा। लापता किसान का शव खाली प्लाट में मिला। किसान की ईंट से कूंचकर हत्या की गई है। घटनास्थल पर खून से सनी दो ईंट भी मिलीं हैं। मृतक का चेहरा भी काला पड़ चुका था। किसान के बेटे व बेटी ने जायदाद के विवाद में ताऊ के दो लड़कों पर हत्या का आरोप लगाया, जबकि मौके पर पहुंचे ताऊ के बेटों ने शिकायतकर्ता भाई-बहन को हत्यारोपी बताया। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
कोतवाली क्षेत्र के टेनी गांव निवासी उमाशंकर उर्फ बुद्दन शुक्ला (50) घर में अपनी वृद्ध मां व बेटी शिवानी के साथ रहता था। उनका बेटा राजन, बचपन से अपने ननिहाल फतेहपुर में रहता है। गांव में उमाशंकर का नलकूप भी है, जहां वह आता-जाता रहता था।
शनिवार की शाम को वह नलकूप जाने की बात कहकर बाइक से निकला और फिर लापता हो गया। रात में घर न लौटने पर उसकी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रविवार की शाम चार बजे इस्कुरी चौराहे पर ओवरब्रिज पर उसकी बाइक मिली।
इसके बाद बेटी शिवानी ने कोतवाली पहुंचकर पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। सोमवार की सुबह करीब 11 बजे हाईवे पर स्थित उमरा गांव के सामने एक प्लॉट में खून से सना उमाशंकर का शव मिला। खागा पुलिस मौके पर पहुंची शव की पहचान कराई। उमा के बेटे व बेटी ने पुलिस को बताया कि ताऊ के लड़कों से जायदाद को लेकर विवाद चल रहा है।
उन्हीं दोनों लड़कों ने पिता की हत्या की है। इसके बाद ताऊ के लड़कों ने भी किसान के बेटे-बेटी को आरोपित किया। इंस्पेक्टर जेपी शाह का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद का भी हो सकता है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
उमाशंकर की मौत के बाद ग्रामीणों में चर्चा है कि हो न हो इन्हीं रिश्तेदारों में से किसी ने हत्या की है। पुलिस की पूछताछ में बेटी ने बताया कि पिता के पास 13 बीघे जमीन थी और जमीन को लेकर परिवार के ही लोगों से मुकदमा चल रहा था। करीब छह महीने पहले पिता मुकदमा जीत गए थे। इसके बाद से परिवार में कहासुनी अधिक हो रही थी। वहीं उमाशंकर के भतीजों नेे चचेरी बहन शिवानी पर हत्या कराने का आरोप लगाया।
बताया कि पिता और पुत्री में बिल्कुल भी नहीं बनती थी और आए दिन दोनों के बीच विवाद होता रहता था। इतना ही नहीं शिवानी ने एक-दो बार पिता के खिलाफ कोतवाली में शिकायत भी की थी। कुछ दिनों पहले शिवानी को फोन पर बातचीत करने को लेकर भी उमाशंकर ने उसके साथ मारपीट की थी।
घटनास्थल पर पहुंचे गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि उमा के गायब होने के बाद भी शिवानी शांत रही। जब बाइक हाईवे पर मिली तो परिजन व कुछ करीबी लोगों ने शिवानी के नाम पर शिकायत करने की बात की। इस पर दबाव बनाने के लिए शिवानी स्वयं ही कोतवाली पहुंची और गुमशुदगी दर्ज कराई। ग्रामीणों के मुताबिक उमा के परिवार की महिला से भी संबंध हैं।
इस कारण पिता और बेटी में अक्सर विवाद होता था। आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उमा को शराब भी पिलाई गई है। घटनास्थल पर चार पहिया वाहन के टायरों के निशान भी मिले हैं। पुलिस को शक है कि हत्या के बाद उमा के चेहरे को जलाया भी गया है। इससे उसमें फफोले भी पड़ गए हैं।
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