फतेहपुर। कृषि कानूनों के विरोध में राजभवन को घेरने लखनऊ जा रहे किसानों को पुलिस ने पावरग्रिड के पास रोक लिया। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
अधिकारियों ने सरकार के आदेश का हवाला देकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। चार घंटे तक पंचायत चली, इसके बाद अधिकारियों ने किसानों को समझा कर लौटा दिया।
भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कृषि कानूनों के विरोध में 23 जनवरी को राजभवन घेरने का ऐलान किया था। इसे लेकर जिले के किसान एक दिन पहले शुक्रवार को ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
करीब 70 ट्रैक्टर व 20 चार पहिया वाहनों से किसान लखनऊ जा रहे थे। लखनऊ जाने वाले किसानों की भीड़ का पता लगते ही प्रशासन चौकन्ना हो गया और पहले से ही लखनऊ रोड स्थित पावरग्रिड के पास पहुंच गए।
वहां पर किसानों के ट्रैक्टरों को रोक लिया गया। लखनऊ जाने की जिद पर अड़े किसानों ने हंगामा किया। दोपहर एक से शाम चार बजे तक किसानों को अधिकारी समझाते रहे और सरकार के आदेश का हवाला दिया।
जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम ने कहा कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के आह्वान पर जिले के किसान लखनऊ जा रहे थे। शनिवार को राजभवन में राज्यपाल को कृषि कानूनों के विरोध में ज्ञापन दिया जाना है।
कृषि कानूनों को सरकार रद्द करे और सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून संसद में पास करे। धान बेचने वाले जिन किसानों को रुपया नहीं मिला है। उनको तत्काल भुगतान किया जाए।
इस मौके पर भाकियू नेता राजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, दीप नारायण पटेल, ज्ञान सिंह, महेंद्र सिंह, कृष्ण पाल, सोनू सिंह, एसडीएम प्रहलाद सिंह, सीओ संजय सिंह, टीएसआई त्रिवेणी पांडेय मौजूद रहे।
प्रशासन ने पहले से टेंट लगा बिछा रखी थी दरी
लखनऊ जाने वाले किसानों की भीड़ को लेकर प्रशासनिक अधिकारी पहले से चौकन्ना थे। पावर ग्रिड के पास सुबह से ही टेंट लगा दिया और किसानों के साथ चौपाल लगाने के लिए दरी बिछा रखी थी।
ट्रैक्टर व चार पहिया वाहनों से जैसे-जैसे किसान आते गए। पुलिस बल के सहारे वाहनों को रोक कर किसानों को दरी में बैठाते गए।
कंबल, रजाई लेकर निकले थे किसान
कृषि कानूनों के विरोध में जिले के किसानों में भी जज्बा दिखाई दिया। इसमें वृद्ध किसानों और महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर सहभागिता निभाई।
कड़ाके की ठंड में कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए राजभवन घेराव कराने को निकल पड़े। सर्दी से बचने के लिए रजाई, कंबल भी वाहनों में रखकर बैठ गए।
किसानों के काफिले को एसडीएम ने रोका, फिर छोड़ा
खागा। कृषि कानून के विरोध में राजभवन का घेराव करने के लिए छह ट्रैक्टरों में किसान लखनऊ के लिए रवाना हुए। एसडीएम प्रहलाद सिंह पुलिस बल के साथ किसानों को रोकने के लिए किशनपुर रोड के अंडरपास रेलवे पुल के पास खड़े हो गए। ट्रैक्टरों को रोक कर पहले किसानों को समझाने का प्रयास किया।
जब किसान नहीं माने तो पुलिस प्रशासन के साथ ट्रैक्टरों को खागा कोतवाली सीमा तक लाया गया। भाकियू नेता कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द करना होगा।
इसके विरोध में शनिवार को लखनऊ राजभवन का घेराव किया जाएगा और राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान खागा सीओ अंशुमान मिश्रा मौजूद रहे।
पिकअप में रजाई, गद्दा ओढ़कर बैठे किसान व महिलाएं- फोटो : FATEHPUR
पावरग्रिड के पास किसानों को रोकने के लिए बैठे अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, सीओ- फोटो : FATEHPUR
लखनऊ जाने से रोके जाने के बाद ठंड से बचने के लिए आग जलाकर तापते किसान- फोटो : FATEHPUR