खागा। पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर तीन ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी। इन पर करीब 650 सीमेंट की बोरियां लदी थी और उन पर नॉट फॉर रिसेल लिखा था। सीमेंट किसी सड़क निर्माण के लिए जा रही थी। विजयीपुर चौकी में तो बोरियों को छुड़ाने के लिए भाजपा नेताओं की भीड़ भी लग गई। पुलिस पर समझौते का दबाव भी डाला गया। फिलहाल पुलिस बोरियों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच कर रही है।
विजयीपुर प्रतिनिधि के अनुसार खागा की ओर से दो टैक्टर-ट्राली पर 250-250 बोरी सीमेंट, जिस पर नॉट फॉर रिसेल लिखा हुआ था जा रही थी। विजयीपुर चौकी पुलिस को शंका हुई तो उसने दोनों गाड़ियों को रोक लिया और जांच की। बताया गया कि सीमेंट खागा के एक सीमेंट कारोबारी के यहां से लोड होकर धाता क्षेत्र के कबरे जा रही है, जहां इसका प्रयोग सड़क निर्माण में होना है।
एक कद्दावर नेता ने तो 100 बोरी अपने लिए मांगनी शुरू कर दी। पुलिस ने जांच पूरी होने तक गाड़ी छोड़ने से मना कर दिया। इसके बाद भाजपाई भी वहां से चले गए। रक्षपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार रात में ही खखरेरू पुलिस ने एक ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी, जिस पर भी 150 बोरी सीमेंट लदी थी और वह भी सड़क निर्माण के लिए जा रही थी। दोनों ही मामलों की जानकारी प्रशासन व जीएसटी विभाग को भी दी गई है।
खागा। सीमेंट का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने बताया कि नॉट फॉर रिसेल सीमेंट बड़े कामार्शियल निर्माण में प्रयोग होती है। यह घरों में लगने वाली सीमेंट से अलग होती है। सड़क बनने, पक्के पुल या इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट में इसका प्रयोग होता है। कम्पनी सीधे, ठेकेदारों को इसकी आपूर्ति करती है।