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प्रशासन मौन, तो माननीयों ने लिया संज्ञान ...

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फतेहपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली मनरेगा मजदूरी में की गई गड़बड़ी के मामले में जिले के प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने सख्त रुख दिखाया है। सीडीओ को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट मांगी है।
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उधर, केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी जांच के लिए पैरवी की है। प्रभारी मंत्री के रुख के बाद ब्लाक स्तर पर पीएम आवास के लाभार्थियों के मनरेेेगा अंश के खाते टटोलने का काम शुरू हो गया है।
17,18 और 19 मार्च को अमर उजाला ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मनरेगा का पारिश्रमिक न मिलने का मुद्दा उजागर किया था। खबरों के माध्यम से यह तथ्य उजागर किया गया था कि पीएम आवास के निर्माण के बदले लाभार्थी को 90 दिन की मजदूरी के सापेक्ष 18,540 रुपये मिलते हैं, मगर जनपद में बड़े पैमाने पर लाभार्थियों को आवास पूरे होने के बावजूद उनके हिस्से का पारिश्रमिक नहीं दिया गया।
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इस बात के भी साक्ष्य मिले कि कई गांवों में तो लाभार्थियों के हिस्से का पैसा भी निकल गया और उन्हें पता तक नहीं चला। इस पूरे प्रकरण में प्रशासन और विकास महकमे ने अभी तक चुप्पी साध रखी थी। लेकिन अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने इस मसले की जांच के निर्देश सीडीओ को दिए तो हड़कंप मच गया।
ग्राम्य विकास की केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भी इस मसले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र ने भी इस खेल की जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
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