खखरेरू। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विजयीपुर से क्षेत्र में नियमित टीकाकरण के लिए भेजी जाने वाली वैक्सीन के परिवहन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि जिन वैक्सीनों को निर्धारित तापमान में सुरक्षित ढंग से पहुंचाया जाना चाहिए, उन वैक्सीनों को कैरियर या कोल्ड बॉक्स के बजाय एक वितरणकर्ता बाइक से साधारण झोले में रखकर विभिन्न वितरण स्थलों तक पहुंचा रहा है। इससे वैक्सीन की गुणवत्ता, कोल्ड चेन व्यवस्था और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयीपुर से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सीएचसी खखरेरू, बिछियावां मोड़, कनपुरवा, अपना बाजार और कोट रोड समेत कई वितरण स्थलों पर वैक्सीन भेजी जाती है। यहां संबंधित क्षेत्रों की एएनएम वैक्सीन प्राप्त कर गांवों में बच्चों का टीकाकरण करती हैं। आरोप है कि परिवहन के दौरान वैक्सीन को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रखने के बजाय साधारण झोले में रखकर बाइक से ले जाया जाता है, जिससे कोल्ड चेन टूटने की आशंका बनी रहती है।
स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकांश टीकों को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है। इसके लिए आइस पैक युक्त वैक्सीन कैरियर या कोल्ड बॉक्स का उपयोग किया जाता है, ताकि परिवहन के दौरान तापमान नियंत्रित रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वैक्सीन वास्तव में बिना कोल्ड चेन के झोले में ढोई जा रही है तो यह बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही है। आरोप है कि कई महीनों से इसी तरीके से वैक्सीन विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अनदेखी करते रहे। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
वर्जन
यदि वैक्सीन निर्धारित तापमान से बाहर रहती है तो उसकी प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है और बच्चों को टीकाकरण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। इसी वजह से राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में कोल्ड चेन व्यवस्था को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। -डॉ. ब्रजेश पांडेय, प्रभारी पीएचसी, विजयीपुर।
वर्जन
शिकायत उनके संज्ञान में आई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोल्ड चेन नियमों की अनदेखी या किसी भी स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. उदय भान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी