ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के चलते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। शहर ही नहीं गांवों में लगे ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो चुके हैं जिससे वह गर्मी में आएदिन फुंकते रहते है। दिन और रात में मिलाकर 14 से 15 घंटे की हो रही विद्युत कटौती से उपभोक्त ा बेहाल है। मजे की बात तो यह है कि बिजली की अंधाधुंध कटौती को लेक र जन प्रतिनिधि आवाज नहीं उठा रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
जिले में बिजली की अंधाधुंध कटौती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन दिनों पड़ रही जानलेवा गर्मी में जहां लोग परेशान हैं वहीं बिजली की अत्यधिक कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। बिजली के आने जाने का समय निश्चित नहीं है। कभी रात्रि में एक बजे तो कभी दो बजे कटौती कर दी जाती है जिससे लोगों की नींद खराब हो रही है।
यही नहीं दिन में भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति ठप होनेे से दोपहर काटना मुश्किल हो रहा है। शहर के पनी इलाके में लगा ढाई सौ केवीए के ट्रांसफार्मर में क्षमता से डेढ़ गुना कनेक्शन हैं। इसी प्रकार सिविल लाइन में चार सौ, ज्वालागंज में सौ, आबूनगर में ढाई सौ केवीए के ट्रांसफार्मर ओवर लोड है।
इसी तरह ज्वालागंज, मुराइनटोला, देवीगंज, चौक, लालाबाजार, मसवानी आदि इलाकों में ओवर लोड ट्रांसफार्मर कभी भी फुंक सकते हैं। उप खंड अधिकारी अजीत यादव ने बताया कि इन दिनों पनकी कंट्रोल से आपूर्ति कट रही है। राधानगर ट्रांसमिशन से जो आपूर्ति मिल रही है वह दी जा रही है। फिलहाल जब तक बारिश नहीं होती बिजली की दिक्कत होगी।
‘मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक ओर शत-प्रतिशत बिजली देने का दावा कर रहे हैं लेकिन विभागीय अफसर इस ओर कतई गंभीर नहीं है। भीषण गर्मी में किसान झुलस रहा है। नहरों में पानी नहीं है ऐसे में फसलें बर्बाद हो रही हैं। अभी बाहर हैं जनपद पहुंचते ही शासन को पत्र लिखेंगे।’- कृष्णा पासवान, खागा विधायक।
‘बदहाल आपूर्ति व्यवस्था के पीछे बिजली विभाग जिम्मेदार हैं। उपकेंद्रों में अव्यवस्थाएं हैं। उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं होती। हफ्तेभर के अंदर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आपूर्ति व्यवस्था का हिसाब मांगा जाएगा।’- अजय अवस्थी, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल।