जिला व क्षेत्र पंचायत के चार चरणोें में हुए चुनाव
की मतगणना रविवार को सुबह आठ बजे शुरू हुई। कई जगह व्यवस्था की कमी के चलते
यह आधा घंटा देरी से शुरू की जा सकी। दोपहर तक गिनती का काम शांतिपूर्ण
चला। बहुआ में अचानक दोपहर बाद मतगणना कर्मी भड़क उठे। भूख के चलते वे
धैर्य खो बैठे और कामकाज ठप कर दिया। आधे घंटे तक मतगणना रुकी रही। इससे
महकमे में हड़कंप मच गया। बाद में भोजन बंटवाकर गिनती शुरू कराई गई।
रात तक
जिले में बीडीसी के 411 नतीजे घोषित कर दिए गए। इनमें आठ निर्विरोध चुने
गए। वहीं जिला पंचायत की कई सीटों पर भी अब रुझान आने लगे हैं। देर रात तक
मतगणना चलने की संभावना जताई जा रही है।
रविवार को अधिकांश जगह सुुबह आठ
बजे से मतों की गिनती शुरू हुई। मतगणना स्थलों के इर्द- गिर्द सुबह से ही
डीडीसी व बीडीसी सर्मथकों का जुटना शुरू हो गया जो दोपहर में हुजूम में
तब्दील हो हो गया।
राउंड पर निकले जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने
बिंदकी तहसील के अमौली ब्लाक की मतगणना सुस्त देख करके तगड़ी फटकार लगाई।
सदर तहसील के हंसवा मतगणना स्थल पर मोबाइल से बात करते पाए गए सफाई कर्मी
विजयीपुर के कमलेश कुमार को पकड़ा गया। एसडीएम विवेक श्रीवास्तव ने उसे
नौकरी से हाथ धोने की हिदायत दी, तो वह गिड़गिड़ाने लगा।
इस पर उसे हिदायत
देकर मोबाइल बंद करा दिया गया। वहीं बीडीसी के एक एजेंट शहाबुद्दीनपुर
निवासी मुमताज को मोबाइल से बात करते पकड़े जाने पर उसका मोबाइल जब्त कर
लिया गया। सुबह 10 बजे से बीडीसी के सामने आने शुरू हुए जो रात तक चलते
रहे।