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पेंशन न निकलने पर महिला ने की खुदकुशी

Thu, 15 Dec 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
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पंजाब नेशनल बैंक सिविल लाइन का बंद एटीएम। - फोटो : amarujala
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थाना क्षेत्र के बंवारा गांव में निर्मला देवी ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने नोटबंदी से परेशान होने के कारण आत्महत्या करने की बात कही है।
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निर्मला देवी (52) पत्नी हरिमोहन निवासी बंवारा गांव समाजवादी पेंशन योजना की लाभार्थी थी। बेटे अमित ने बताया कि मां का बैंक खाता कस्बे की बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण शाखा में था। आठ दिन से पेंशन के लिए बैंक में लाइन लगाने पहुंचती थी लेकिन खाली हाथ वापस घर लौट आती थीं। पेंशन के रुपये से ही उनकी दवा पानी का खर्च चलता था। बैंक से रुपया न मिलने से वह काफी परेशान थीं। घर के लोग शाम खेत गए थे। उसकी बहन माधुरी घर के बाहर कामकाज कर रही थी। कुछ देर बाद अंदर कमरे में पहुंची तो उसने मां निर्मला को छत के कुंडे से साड़ी के फं दे पर लटकते देखा। परिजनों ने महिला को नीचे उतारा। उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसओ सुभाष यादव ने बताया कि मामले की तहरीर नहीं आई है।


नगर के तमाम बैंकों में सीसी कैमरा स्क्रीन में आने वाले लोगों व कर्मचारियों की गतिविधियां कैद हो रही हैं। लेकिन बड़ौदा पूर्वी ग्रामीण बैंकाें में सीसी कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
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औंग प्रतिनिधि के अनुसार आंध्रा बैंक के प्रबंधक अमित गुप्ता, ओरिंयंटल बैंक के सुनील पांडेय ने बताया कि सीसी कैमरा स्क्रीन लगने से बैंक में आने-जाने वाले लोगों व कर्मचारियों की गतिविधियां कैद हो रही हैं। वहीं रानीपुर, औंग बड़ौदा ग्रामीण पूर्वी बैंक के शाखा प्रबंधक अनूप चौधरी ने कहा कि उन्होेंने कई बार उच्चाधिकारियों से सीसी कैमरा लगाने की मांग की है, लेकिन अभी तक कैमरे नहीं लग सके हैं।
चौडगरा प्रतिनिधि के अनुसार बड़ौदा ग्रामीण पूर्वी बैंक में सीसी कैमरा न लगे होने के बावत जब प्रबंधक सीएल पाल से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि अन्य बैंकों में अमीरों के खाते हैं। हमारी बैंक गरीबों की है। इसलिए सीसी कैमरे नहीं लग पाए हैं। एसबीआई के प्रबंधक एके पांडेय ने कहा सीसी कैमरा होने के कारण अराजकता करने वाले लोग भयभीत रहते हैं। घटना होने पर सब कुछ कैमरे पर कैद हो जाता है। जिसका खुलासा करने पर पुलिस को आसानी रहती है। बैंक आफ इंडिया की प्रबंधक प्रियंका चौधरी ने बताया कि उनकी शाखा में आधा दर्जन कैमरों पर सभी गतिविधियां कैद होती हैं। बके वर प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई के शाखा प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार का मानना है कि सीसी कैमरा हैं।

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में नहीं सीसीटीवी
खागा। रिजर्व बैंक के निर्देशों के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ बैंकों में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। आठ नंवबर के बाद अब तक के बैंक के अंदर की कोई सीसी फुटेज नहीं हैं।

सीन एक
दो साल से बंद हैं सीसी कैमरे
नगर के बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की कोई भी शाखा में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। जबकि नगर की शाखा में लगे सीसी कैमरे करीब दो साल से बंद हैं। शाखा प्रबंधक आशीष त्रिपाठी नें बताया कि उनकी तैनाती के पहले से ही कैमरे खराब हैं। छह माह से लगातार क्षेत्रीय प्रबंधक फतेहपुर को मेल और पत्रों से सूचित किया जा रहा है।

सीन दो
नगर के  एसबीआई शाखा में आठ सीसी कैमरे लगे हैं। स्ट्रांग रूम में भी कैमरा लगा है। सीसीटीवी प्रबंधक के कक्ष में है। बैंक के अंदर की सारी गतिविधियां सीसीटीवी में कैद हैं। शाखा प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि 24 घंटे कैमरे खुले रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं में भी सीसीटीवी लगे हैं। नगर के बीओबी शाखा में भी सात कैमरे और एक सीसीटीवी है। शाखा प्रबंधक उमेशचंद्र ने बताया कि कैमरे हर समय खुले रहते हैं। पीएनबी में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

रिजर्व बैंक आफ इंडिया के  बैंकों और एटीएम बूथों में सीसी कैमरे लगवाने और फुटेज सुरक्षित रखने के फरमान के बाद बैंक प्रबंधकों में हड़कंप है। अधिकांश बैंकों में सीसी कै मरे दुरुस्त करा दिए गए हैं।
गुरुवार को पंजाब नेशनल बैंक सिविल लाइन में कैश के लिए लोग लंबी लाइन लगाए रहे। काउंटर के सामने उपभोक्ताओं के बीच धक्कामुक्की भी हुई। कैश खत्म होने पर अधिकांश लोग बिना रुपया निकाले ही लौट गए। यहां सीसीटीवी कैमरे के बारे में शाखा प्रबंधक सतीश कुमार ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने देखने से भी मना किया और बोले, केवल सीएमडी ही इसकी जानकारी ले सकते हैं। यहां पिछले कई दिनों से एटीएम भी बंद पड़ा है। समय से कैश न मिलने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
इसी प्रकार एचडीएफसी बैंक सिविल लाइन के एटीएम में कैश निकालने के लिए लंबी लाइन लगी रही। बैंक में सीसी टीवी कैमरे चलते मिले। शाखा प्रबंधक पल्लव खन्ना ने बताया कि सीसी टीवी फुटेज सुरक्षित हैं। यूनियन बैंक वर्मा चौराहा में सीसीटीवी कैमरा चालू मिला। हालांकि यहां नो कैश का बोर्ड लगा था। उपभोक्ता बिना कै श लिए वापस लौट रहे थे। शाखा प्रबंधक ऋषि मिश्रा ने बताया कि सीसी कैमरे पूरे समय चालू रहते हैं। बिजली न होने पर जनरेटर चलाते हैं। इसी प्रकार बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंकों में सीसी टीवी कैमरे चलते मिले।
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