पत्नी को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में अदालत ने पति को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर जिला जज शैलेंद्र निगम ने दलीलों को सुनने के बाद यह निर्णय सुनाया।
मामला किशनपुर थानाक्षेत्र के पिपरहा डेरा गांव का है। किशनपुर के ही रारा गांव की सुमन देवी की शादी पिपरहा डेरा के दुर्गाप्रसाद निषाद के साथ 2006 में हुई थी। अधिवक्ता के मुताबिक दुर्गा प्रसाद शादी के बाद से ही कोई काम नहीं करता था और दिन भर शराब के नशे में रहता था। वह अक्सर पत्नी सुमन को नशे की हालत में पीटता था। इसकी शिकायत उसने अपने मायके में की तो भाई राम मिलन ससुराल आकर उसे मायके लेकर चला गया। 15 दिन बाद पति दुर्गा प्रसाद सुमनदेवी को लेकर ससुराल आ गया। आदतों में सुधार न होने पर सुमन देवी ने 11 सितंबर 2016 की सुबह केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। बाद में मौत हो गई।
इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में कर रहे थे जिसकी सुनवाई करते हुए अपर जिला जज शैलेंद्र निगम ने सुमन देवी के पति दुर्गा प्रसाद निषाद को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दुर्गा प्रसाद पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।