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गोद में आते मरीज, नहीं मिलती व्हीलचेयर

Wed, 05 Dec 2018 12:41 AM IST
fatehpur
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मां को गोद में उठा कर पैथोलॉजी ले जाता बेटा। - फोटो : amarujala
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 जिला अस्पताल में अपनों के कंधों और गोद का ही सहारा है। अस्पताल में  व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध होना मुश्किल है। शासन स्तर पर जिला अस्पताल में भले ही यह संसाधन उपलब्ध हों, मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। भर्ती मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एक्सरे व पैथोलॉजी ले जाना हो या घायलों को इमरजेंसी, न तो वार्ड ब्वॉय दिखते हैं, न ही संसाधन।  
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मंगलवार को जिला अस्पताल में ऐसे कई मरीज दिखे जो अपनों के सहारे वार्ड, ट्रामा सेंटर और जांच के लिए पैथोलॉजी तक जाते दिखे। खासमऊ गांव निवासी 70 वर्षीय वृद्ध मैकी देवी बेटे छविलाल की गोद में ब्लड की जांच के लिए पैथोलॉजी की ओर जाती मिलीं। पूछने पर छविलाल ने बताया कि मां को बुखार आ रहा है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर ने खून की जांच के लिए कहा है। वार्ड ब्वॉय से व्हीलचेयर लाने के लिए कहा, उसने नहीं दी। अब मां को गोद में लेकर पैथोलॉजी जा रहे हैं। वहीं बकंधा के वृद्ध अब्दुल शकूर बेटे शकील अहमद के कंधे के सहारे ट्रामा सेंटर की ओर जाते दिखे। पूछने पर बताया कि गिर गए थे। चोट लगी है। चल नहीं पा रहे हैं। किसी तरह जा रहे हैं। इदरीशपुर गांव निवासी सगीर अहमद के पैर में चोट लगी है। जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सगीर पत्नी के साथ एक पैर के सहारे प्लास्टर रूम तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि पैर में टांका लगा हुआ है। चल नहीं पा रहे हैं। वार्ड ब्वॉय ने व्हीलचेयर मुहैया नहीं कराई। 
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