सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए खागा सुरक्षित सीट से घोषित अपने प्रत्याशी विनोद पासवान को बदल दिया है। इनकी जगह दुबारा ओम प्रकाश गिहार को टिकट दिया गया है। इस बदलाव के संकेत दूर तक गए हैं। माना जा रहा है कि सपा प्रत्याशियों की पुरानी सूची को फिर बहाल किया जा सकता है।
इस वजह से दो अन्य प्रत्याशियों व उनके समर्थकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। बता दें कि तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने 24 मार्च को प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी। सूची में बिंदकी विधानसभा से समरजीत सिंह, सदर से चंद्रप्रकाश लोधी, अयाह शाह से दलजीत निषाद, हुसैनगंज से मो. सफीर तथा खागा विधानसभा सीट से ओमप्रकाश गिहार को प्रत्याशी बनाया गया था। कुछ ही दिन बाद पार्टी नेतृत्व ने प्रत्याशी बदलते हुए अयाह शाह से रीता प्रजापति, खागा से विनोद पासवान को प्रत्याशी बना दिया था। बिंदकी प्रत्याशी हटाया गया, लेकिन पखवारे भर प्रत्याशी घोषित नहीं किया।
बाद में भाजपा से बुलाकर पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक को प्रत्याशी बनाया गया। सपा में चाचा-भतीजे के घमासान के दौरान एक बार फिर प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई थीं। हालात कुछ सुधरे लेकिन जिलाध्यक्ष बदलने के साथ ही खागा सुरक्षित सीट का प्रत्याशी बदल जाने से फिर एक बार शिवपाल सिंह यादव की मजबूती की हवा चल निकली है। ऐसी हालत में वह अपनी सूची बहाल करने के लिए कोशिश कर सकते हैं।