फतेहपुर। शहर की 20 हजार आबादी पानी के लिए रतजगा करने पर मजबूर है। जून का महीना शुरू होने के बाद से ऊंचाई पर बसे तीन मोहल्लों की पेयजल आपूर्ति ऐसी लड़खड़ाई है कि लोगों को रात भर जागकर पानी भरना पड़ रहा है।
मसवानी, चंदियाना, सरांय रस्तोगीगंज मोहल्लों में इन दिनों घरों की पेयजल आपूर्ति बंद है और सार्वजनिक नलों से रात 11 से 2 बजे तक ही पानी आता है। ऐसे लोगों की रात पानी भरते ही कट रही है। इलाकाई लोगों का कहना है कि दो नलकूपों की बोरिंग खराब होने से पेयजल की समस्या बनी हुई है।
शहर की दो लाख आबादी को पानी देने के लिए नगर पालिका के पास 47 नलकूप हैं। इनसे मिलने वाली जलापूर्ति पूरे शहर में बिछी वाटर लाइनों से जुड़ी है। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से जलस्तर निरंतर घट रहा है। इसका असर यह हुआ कि 1200 लीटर प्रति मिनट जलापूर्ति देने वाले नलकूपों की क्षमता घटकर 800 लीटर के आसपास ही रह गई है।
इसी के साथ सदर कोतवाली और रामगंज पक्का तालाब में लगे पुराने नलकूपों की बोरिंग खराब होने से जलापूर्ति चरमरा गई है। ऊंचाई पर बसे मसवानी, चंदियाना, सरांय रस्तोगीगंज मोहल्लों में दिन में होने वाली पेयजल आपूर्ति बीते पांच-छह दिनों से बंद पड़ी है। इन मोहल्लों की करीब 20 हजार की आबादी इस समस्या से प्रभावित है। इन मोहल्लों में सार्वजनिक नलों में दिन भर बर्तनों की लाइन लगी रहती है।
दिन में कभी-कभार अगर पानी आया तो मारामारी मचती है। वैसे तो दिन में पानी आने की उम्मीद न के बराबर होती है। रात में 11 बजे के बाद दो घंटे पानी आता है। इसी समय लोग बर्तनों में पानी का स्टाक करते हैं और इसी काम चलाते हैं।
क्षेत्र के दो नलकूप एक साथ खराब होने से मसवानी, चंदियाना, सरांय मोहल्लों के ऊंचाई वाले क्षेत्र में जलापूर्ति की कुछ समस्या जरूर है, लेकिन इसका जल्द निराकरण किया जाएगा। रामगंज पक्का तालाब और खेलदार स्कूल के सामने नई बोरिंग हो गई हैं। जल्द ही यह दोनों नलकूप चालू हो जाएंगे। इसके बाद समस्या का निराकरण हो जाएगा।
- मीरा सिंह, ईओ नगर पालिका फतेहपुर
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