फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेत में पराली जलाने से होने वाले नुकसान को बताया

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर में धाता ब्लाक के किशुनपुर गांव में शनिवार को कृषक प्रशिक्षण अभियान के तहत कैंप लगा। इसमें सहायक तकनीकी प्रबंधक सचिन सिंह ने बताया कि खेत में पराली जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण तेजी से फैल रहा है।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगा दी है। खेत मेें पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर करने और जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाती है। एक बार से अधिक पराली जलाने वाले किसानों पर जेल भेजने का आदेश है। प्रगतिशील किसान रणविजय सिंह ने कहा कि खेत में पराली जलाने से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति खत्म हो जाती है।
खेत की मिट्टी में रहने वाले मित्र कीट भी नष्ट होते हैं। इससे फसलों में रोग अधिक लगता है और उत्पादन कम होता है। धान की फसल को काटने के बाद खेत की जोताई कराकर पलेवा कर दें। ताकि पराली खेत में सड़ कर खाद बन जाए। इस मौके पर ब्लाक के कृषि कर्मचारी सचिन सिंह, सुरेश सिंह, किसान विमलेश, विनोद, सूरज, मनीष, दशरथ, गयाप्रसाद, रोशनलाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें