जहानाबाद। हालिया हमलों के बाद खाड़ी देशों में कार्यरत युवाओं के परिजन में भय का माहौल है। परिवारों ने केंद्र सरकार से अपने बेटों की सुरक्षित वतन वापसी की मांग की है। हमलों की खबरों के बाद उनकी चिंता और गहरा गई है।
थाना क्षेत्र के मिर्जापुर मकरंदपुर गांव के 12 युवक विदेशों में नौकरी कर रहे हैं। ये युवक कतर, कुवैत, दुबई और सऊदी अरब की निजी कंपनियों में कार्यरत हैं और परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। दुबई में फाजिल पुत्र सैय्यद शानदार नकवी, जुबैर हसन पुत्र सैय्यद कमर अब्बास और आतिफ पुत्र सैय्यद तनवीर हसन काम कर रहे हैं।
कतर में आसिफ, आकिब पुत्र खालिद, मोईश, अकरम, शाने आलम पुत्र शबाब, शैलेंद्र पुत्र रघुवीर पाल और सुरेश कुमार पाल कार्यरत हैं। दानिश पुत्र शबाब आलम कुवैत में तथा मोहम्मद नकी सऊदी अरब में नौकरी कर रहे हैं।
हमलों के बाद परिजन लगातार चिंता में डूबे हैं। दुबई में रह रहे मोहम्मद कायम ने फोन पर बताया कि ईरान के हमलों के बाद रातों की नींद और दिन का सुकून छिन गया है। हर समय मिसाइल हमले का भय बना रहता है।
कतर और सऊदी अरब में मौजूद युवाओं ने भी सायरन और धमाकों की आवाज से दहशत का माहौल होने की जानकारी दी है। परिजन हालात सामान्य होने और सुरक्षित वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं और सरकार से शीघ्र पहल की मांग कर रहे हैं।