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ओवरलोड ट्रकों ने बिगाड़ी सड़क की सूरत

Sat, 06 Aug 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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हाईवे से एकारी की खस्ताहाल सड़क। - फोटो : अमर उजाला
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 रेलवे के विस्तारीकरण के लिए एकारी में बने सेंटर यार्ड में आने वाले वाहन मुसीबत बन गए हैं। महज तीन महीने में हाईवे से एकारी तक की सड़क ध्वस्त हो गई है। इससे दर्जन भर गांव का आवागमन प्रभावित हो गया है। हाईस्कूल, इंटर कालेज में जाने वाले स्कूली बच्चे साइकिल से गिरकर चुटहिल होते हैं। दो साल पहले बनी एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क धूल और गड्ढों में बदल गई है।
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कार्यदाई संस्था जेएमआर व जीपीटी चौड़ीकरण का काम रही है। रेलवे की जमीन पर सेंटर यार्ड बना रखा है। इसमें पटरी चौड़ीकरण का सामान रखने के गोदाम हैं। मिट्टी और गिट्टी की ढुलाई करने वाले वाहन भी सेंटर यार्ड में खड़े रहते हैं। कबरई, महोबा से आने वाली गिट्टी भी बिलंदा हाईवे से एकारी संपर्क मार्ग से सेंटर यार्ड तक जाते हैं।


आरोप है कि मानक से कहीं अधिक ट्रकों में गिट्टी लदी रहती है। पिछले दो माह में चार किलोमीटर की सड़क गड्ढों में बदल गई है। सड़क पर साइकिल व बाइक चलाना भी मुश्किल हो गया है। हल्के वाहन (चार पहिया) गड्ढों में फंस जाते हैं।
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क्षेत्रवासियों ने कार्यदाई संस्था के अधिकारियों से ओवरलोड वाहन पर रोक लगाने को कहा है, लेकिन अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। इस सड़क के खराब होने से अब एकारी को ही जाने वाली दूसरी सड़क से ओवरलोड वाहन आने लगे हैं। बारिश होने की वजह से दूसरी सड़क पर भी कई जगह गड्ढे हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने छह माह पहले इस सड़क के मरम्मत का कार्य कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के 16 साल बाद पीडब्लूडी ने मरम्मत कराया है। बता दें कि यह सड़क पहले मंडी समिति के आधीन रही है।


रात में हो रहा मिट्टी का खनन- हंसवा। रेलवे लाइन को लेकर खेत के मिट्टी से पुराई की जा रही है। क्षेत्र के टीसी, अतरहा, सहाबुद्दीनपुर, एकारी, बुधइयापुर आदि गांव के किसानों से बिना मुआवजे की मिट्टी खुदाई की जा रही है। रात के अंधेरों में जेसीबी से खुदाई कर सैकड़ों ट्रैक्टर ढुलाई की जाती है। सुबह होते ही मिट्टी की खुदाई और ढुलाई बंद हो जाती है। बारिश के मौसम की वजह से दो सप्ताह से खनन का काम रुका हुआ है।
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