फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे कॉलोनी में बीमारी फैलने का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। संक्रामक व मच्छर जनित बीमारियों के शिकंजे में रेलवे कॉलोनी दिखाई दे रही है। कॉलोनी में जगह-जगह गंदगी ढेर हैं। नालियां टूट चुकी हैं। सीवर टैंक चोक होकर बदबू फैला रहे हैं। सीवर लाइन में डाली गई ढोल क्षतिग्रस्त हो रही हैं। गंदगी की वजह से कॉलोनी के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखे जा रहे हैं।
विज्ञापन

फतेहपुर रेलवे स्टेशन के सामने कॉलोनी में मौजूदा वक्त 200 से ज्यादा परिवार रहते है। कॉलोनी की जल निकासी समस्या दूर करने के लिए साल भर पहले सीवर लाइन बिछाई गई थी ताकि यह समस्या दूर किया जा सके। बाकायदा इसके लिए रेलवे कॉलोनी से दुर्गा मंदिर तक लाइन बिछाई गई और उस पर बड़े-बड़े ढोल फिट किए गए ताकि आसानी से पानी का निकास हो सके। मौजूदा स्थिति की बात करें तो यह व्यवस्था सिर्फ कागजी बनकर रह
गई है । कॉलोनी का पानी बाहर निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते हल्की बारिश में नालियां उफना जाती हैं और इनका पानी क्वार्टर के अंदर जा घुसता है। ज्यादातर नालियां क्षतिग्रस्त हो जाने की वजह से इनका पानी रास्तों पर फैल रहा है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास और उस पर जलभराव होने से मच्छर पनप रहे हैं।
विज्ञापन

फतेहपुर। लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की आमद का महीने भर तक रेलवे कॉलोनी भी गवाह बनी रही। बसों को कॉलोनी के अंदर खड़ा किया गया और वहीं पर प्रवासी मजदूर लंच के पैकेट और पानी की बोतलें फेंकते रहे। नार्थ सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन के कुलदीप यादव का कहना है कि हर जगह संक्रामक और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रयास हो रहे हैं। रेलवे कॉलोनी में अभी तक यह काम नहीं शुरू हुआ है। दवा का छिड़काव तक नहीं कराया गया है। जिससे कॉलोनी में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
फतेहपुर। फतेहपुर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित कॉलोनी की बदहाली से सेहत नासाज हो रही है। इसी कॉलोनी में संचालित रेलवे की हेल्थ यूनिट की ओपीडी में इस वक्त 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। इनमें बुखार, खांसी जुकाम और निमोनिया के ज्यादा हैं। रेलवे चिकित्सक अल्ताफ का कहना है कि उल्टी-दस्त के भी मरीज आते हैं। बकौल चिकित्सक, साफ सफाई के अभाव में बीमारियां सिर उठाती हैं।
रेलवे स्टेशन के सामने वाली कॉलोनी से दुर्गा मंदिर तक सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। सफाई का कार्य न होने की वजह से पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। अब ठेका हुआ है। समस्या से निजात मिलेगी। - एके पांडेय, वरिष्ठ खंड अभियंता( कार्य )
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें