किशनपुर (खागा)। एकडला सहित करीब 60 गांवों के लोगों के लिए कस्बा आने-जाने का रास्ता दमहा पुल से होकर गुजरता है। कई वर्षों से विभागीय अनदेखी के चलते पुल की सड़क कई जगह जर्जर हो चुकी है। लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था कम से कम खस्ताहाल मार्ग की मिट्टी से पुराई कर दे। ताकि बरसात में लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो।
किशनपुर-एकडला मार्ग पर दमहा नाले पर बना पुल बहुत ही महत्वपूर्ण है। पुल का निर्माण 2014-15 में करीब चार करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से हुआ था। इसकी लंबाई करीब 300 मीटर होगी। यह पुल करीब 60 गांव व मजरों के लोगों को किशनपुर से जोड़ता है। सालभर पहले बरसात में पुल का एप्रोच खराब हो गया था। जिसके कारण बरसात में इस पुल से आवागमन बंद हो गया था। किसी तरह से विभाग ने इसे बनाया था, लेकिन बरसात में उसे भी खराब कर दिया। मौजूदा समय एप्रोच बनाने के लिए पुल पर सामग्री पड़ी है और एप्रोच को दो मीटर के दायरे में खोद दिया गया है। जिससे वहां पर गड्ढा हो गया है। अब कार्यदायी संस्था इस एप्रोच की मरम्मत नहीं कर रही है। यहां से निकलने वाले लोग गिरकर जख्मी हो रहे है। एकडला गांव के रिंकू सिंह, अमित अमित सिंह, भानू सिंह आदि का कहना है कि एप्रोच की मरम्मत न की जा सकी तो केवल मिट्टी से पुराई ही करा दी जाए। ताकि बरसात में ग्रामीणों के साथ कोई हादसा न हो जाए।