धाता (फतेहपुर)। दस्यु सरगना ददुआ का हाथी रविवार को आपा खो दिया और कौशांबी से आते समय बिगड़ैल हो गया। महावत ने पेड़ की डाल में लटक कर किसी तरह से जान बचाई। करीब तीन घंटे तक उत्पात मचाने के बाद दो महावतों ने हाथी की बोली बोल कर शांत कराया। तब तक में उसने एक बाइक, पांच बिजली के पोल और कई पेड़ तोड़ दिए।
कौशांबी जिला के मुंगरी गांव कटरा से बच्चा नाम का महावत हाथी को लेकर धाता क्षेत्र के कबरहा पंचमुखी मंदिर आ रहा था। दोपहर एक बजे केटमई (कौशांबी-फतेहपुर बार्डर) गांव के पास बैरियर पर खड़े बाइक सवार की तरफ हाथी ने सूंड़ बढ़ाई। बाइक सवार ने हाथी की सूंड़ पर हाथ फेर दिया। बस इतने में हाथी बिगड़ैल हो गया। बाइक सवार को पकड़ने के लिए सूंड़ बढ़ाया तो युवक बाइक छोड़ कर भाग गया। इस पर हाथी ने बाइक तोड़ डाली। महावत ने हाथी को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उसका गुस्सा और बढ़ गया। वह महावत को अपनी पीठ से गिराने के लिए पेड़ की तरफ गया। गनीमत रही कि महावत किसी तरह से पेड़ की डाल पकड़ कर लटक गया। फिर हाथी केटमई गांव के किसान गुलाब सिंह के ट्यूबवेल की ओर गया। यहां पर 11 केवीए लाइन के पांच खंभे तोड़ डाले। यह देखकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर दहशत में आ गए। हाथी से बचने के लिए खेत से गांव की ओर भाग गए। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने एसडीएम खागा प्रहलाद सिंह को सूचना दी। एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग रेंजर केपी यादव टीम के साथ पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर कस्बा निवासी महावत हारुन भी मौके पर पहुंच गया। दोनों महावतों ने हाथी की बोली बोल कर किसी तरह से उसे शांत कराया। शाम 3.45 बजे हाथी शांत हुआ। इसके बाद हाथी को जंगल में पेड़ में बांध दिया गया।
इनसेट
2005 में ददुआ ने हाथी को मंदिर के नाम किया था
2005 में दस्यु सरगना ददुआ ने धाता क्षेत्र के कबरहा गांव में पंचमुखी हनुमान मंदिर की स्थापना कराई थी। तभी एक हाथी के बच्चे को मंदिर के नाम दान किया था। ददुआ की मौत के बाद उनका पुत्र पूर्व विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष वीर सिंह हाथी को अपने पास चित्रकूट में रखते थे। तीन महीना पहले हाथी वीर सिंह के यहां भी बिगड़ैल हो गया था। तब वीर सिंह ने महोबा जिला के रहने वाले महावत मुन्ना को हाथी के साथ कबरहा के मंदिर में भेज दिया था।
वर्जन
वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह यादव ने बताया कि हाथी पूरी तरह से शांत हो गया है, हाथी को अभी जंगल में बांध के रखा गया है। पूरी तरह से सामान्य होने के बाद महावत के सुपुर्द कर दिया जाएगा।