फतेहपुर। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं मातृ शिशु कल्याण मंत्री जयप्रताप सिंह जिला अस्पताल में मरीजों का खाना देख नाराज हो गए। पानी जैसी पतली दाल देखकर बोले कि मरीजों की सेहत से इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। भीषण गर्मी में इस तरह की दाल खिलाई जा रही है। ठेकादर पर कार्रवाई के लिए कहा। सीएचसी हुसैनगंज में अव्यवस्थाओं पर सीएमओ को हिदायत दी। कहा कि तीन दिन में सुधार न होने पर कार्रवाई होगी।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जयप्रताप सिंह सुबह 10:30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले ब्लड बैंक की सुविधाएं देखने के साथ स्टाक रजिस्टर देखा। पैथालॉजी देखने के बाद वार्ड पहुंचे। यहां शौचालय गंदा देख मंत्री ने नाराजगी दिखाई। कहा कि कोरोना काल में सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं अस्पताल के वार्ड का शौचालय गंदा होना भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। एक्सरे विभाग के निरीक्षण में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने की जानकारी होने पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द नियुक्ति कर दी जाएगी। सीढ़ियों में पान मसाले की पीक के धब्बों की सफाई कराने के भी निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। प्रशासनिक भवन में आधा घंटे तक डीएम, सीएमओ, सीएमएस के साथ गुफ्तगू की।
हुसैनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह ने सीएचसी हुसैनगंज का निरीक्षण किया। एंबुलेंस तीन महीने से खराब मिली। अस्पताल की पुलिया ध्वस्त और आरओ प्लांट खराब मिला। महिला चिकित्सक अंजली गुप्ता डेढ़ साल से गायब हैं, रैबीज इंजेक्शन नहीं हैं, सर्जन गायब थे, वार्डब्ॅयाय, स्वीपर की तैनाती नहीं मिली। करोड़ों की मशीनें धूल खाती मिलीं। यह हालात देख कैबिनेट मंत्री का पारा चढ़ गया। मौके पर मौजूद एक तीमारदार तबस्सुन ने बताया कि अस्पताल में दवाइयां नहीं मिलतीं। बाहर से लाना पड़ता है। मंत्री ने मुख्य चिकित्साधिकारी उमाकांत पांडेय को फटकार लगाई। कहा कि बाहर से दवाएं न लिखी जाएं। क्षेत्रीय विधायक और खाद्य एव रसद राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह को फोन से टूटी पुलिया बनवाने को कहा।
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इनसेट
भाजपाई सामाजिक दूरी भी भूले
फतेहपुर। जिले की सीमा असनी गंगा पुल से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह से भाजपाई परछाई की तरह चिपके रहे। यहां तक की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भाजपाइयों ने मंत्री का पीछा नहीं छोड़ा। भाजपाइयों से घिरे कैबिनेट मंत्री सामाजिक दूरी का पालन करने की कोशिश करते रहे, लेकिन फोटो खिंचवाने के लिए भाजपाई उनके साथ चिपके रहे। ऐसे में प्रशासनिक भवन के बाहर निकलकर मंत्री सीधे कार में सवार होकर चलते बने।