फतेहपुर। मौरंग खनन और भंडारण में अनियमितता की शिकायत के बाद निदेशालय ने गुरुवार को जिले में खदानों और मौरंग डंप स्थलों पर छापेमारी शुरू करा दी। जिले में मात्र 21 लोगों ने मौरंग डंप करने का लाइसेंस लिया है, इसके उलट मौरंग को जगह-जगह डंप कर रखा गया था। भंडारण लाइसेंस की क्षमता के अनुसार किया गया है या नहीं, इसका भी पता लगाया गया। सूत्रों की माने तो टीम को कई जगह गड़बड़ी मिली है।
जिले में मानसूत्र सत्र (एक जुलाई से शुरू) शुरू होने से पहले सदर तहसील में ओती, अढ़ावल की खदाने चालू थीं। खागा तहसील में गढ़ीवा मझिगवां, रानीपुर दो, तीन, सलेमपुर की खदानें चालू थीं। चालू खदानों के आसपास कई स्थानों पर पर मौरंग डंप की गई है। इसके अलावा जिले के कई जगहों पर सरकारी और निजी जमीनों पर भारी मात्रा में मौरंग डंप की गई है। मानसून सत्र एक जुलाई से शुरू हो रहा है। यानी 30 जून से खनन पर रोक लग गई है। इसी वजह से पट्टेधारक बाढ़ आने से पहले तक चोरी छिपे भी खनन कराते हैं। जिले में चोरी छिपे होने वाले खनन और डंप की शिकायत पर जांच को निदेशालय से टीम गुरुवार को भेजी गई। टीम में रायबरेली जिले के खनन अधिकारी सुरेंद्र सिंह और प्रयागराज के सर्वेयर की टीम शामिल है। टीम ओती, दतौली, अढ़ावल क्षत्र में गुरुवार को जांच को पहुंची। सूत्रों की माने तो जांच में कई जगह पर गड़बड़ी मिली है। इस पर कार्रवाई की भी तैयारी है। टीम जांच रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन और निदेशालय को देगी। टीम को पूरे जिले की खदानों और भंडारण की जांच दो दिन में पूरी करनी है। एडीएम पप्पू गुप्ता ने बताया कि मौके पर टीम जांच को गई है। जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
इनसेट...
तहसीलवार डंप क्षमता
सदर तहसील 18---- तीन लाख घनमीटर
खागा तहसील 3--- 70 हजार घनमीटर
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जिले में कई स्थानों पर अवैध डंप
फतेहपुर। जिले के हाईवे और लिंक मार्गों के किनारे मौरंग से पटे हैं। बांदा टांडा हाईवे पर मौरंग के भारी डंप लगे हैं। हाईवे पर ललौली, मुत्तौर, दतौली, बहुआ, शाह, लदिगवां, खटौली, राधानगर, नउवाबाग, जेल रोड, लखनऊ बाईपास रोड, उधन्नापुुर, बेरागढ़ीवा, सातमील, चंदीपुर, डलमऊ रोड में डंप लगे हैं। खागा-धाता मार्ग पर धाता, रानीपुर, खखेररू, विजयीपुर, खागा, हथगाम, असोथर, थरियांव समेत कई स्थानों पर डंप है। वहीं, कानपुर प्रयागराज हाईवे पर कई जगहों पर अवैध मौरंग तरीके से मौरंग को डंप किया गया है।