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जीएमआर के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा

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हंसवा (फतेहपुर)। नाला सफाई को लेकर रेल फ्रेट कॉरिडोर का काम कर रही जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार सुबह करीब नौ बजे सैकड़ों की संख्या में किसानों ने जीएमआर गेट पर पहुंच कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। तीन घंटे तक किसी को भी आने जाने नही दिया गया। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
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थाना क्षेत्र के एकारी गांव के पास करीब एक किमी के दायरे में जीएमआर कंपनी का ऑफिस है। कंपनी परिसर के पास ही कस्बे का मुख्य नाला है। पूरे शहर का गंदा इसी नाले से होकर गुजरता है। इसी नाले में बड़ी मात्रा में कंपनी का अपशिष्ट भी गिरता है। कई वर्षों से कंपनी के हिस्से में आने वाले नाले की सफाई न होने से पानी की निकासी भी अवरुद्ध है। आगे का रास्ता बंद होने से आस पास के कई गांवों के खेतों की फसल नष्ट हो जाती है। बीते दो साल में किसानों ने कई बार डीएम की चौखट तक जाकर अपनी समस्याएं रखी। जलभराव के कारण एकारी, टीसी, अतरहा, सहजादेपुर, मोहनपुर आदि गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हैं।
सोमवार को जाम नाले की सफाई को लेकर सैकड़ों किसान जीएमआर कंपनी के गेट पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों नें लकड़ियां रख कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी बाहर ही खड़े रहने को मजबूर रहे। कुछ कर्मचारी डर की वजह से चुपचाप इधर-उधर हो गए। मामला बढ़ता देखकर डायल 112 मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद चौकी प्रभारी डीडी सिंह फोर्स सहित मौके पर पहुंचे।
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चौकी इंचार्ज ने किसानों के मुद्दे को लेकर जीएमार के अधिकारियों से आधा घंटे तक बातचीत किया। अधिकारियों से समस्या का समाधान आश्वासन पर पुलिस ने ग्रामीणों को एक दिन समय दिया। इस बात पर किसान ने कहा यदि 24 घंटे में समस्या हल न हुई तो यहीं पर भूख हड़ताल की जाएगी।
जिले में जीएमआर कंपनी के मुख्यालय चौडगरा के मुरादीपुर गांव में भी पिछले पांच दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिससे वहां पर काम ठप हो गया है। मजदूरों का कहना है कि कई माह से पैसा नही मिला है। जब तक पैसा नही मिलेगा काम नही शुरू किया जाएगा।
बयान-
किसानों की समस्या हल करने के लिए नाला सफाई की बड़ी पोकलैंड मशीन औंग से मंगाई गई है। एक दिन में किसानों की समस्या का हल निकाला जाएगा। किसानों का नुकसान नही हो पाएगा। - एस भक्ता, ट्रैक मैनेजर, जीएमार कंपनी
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