फतेहपुर। नोडल अफसर ने टीम के साथ शहर पांच निजी अस्पतालों में शासन की गाइडलाइन पर अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक नया आदेश नहीं आता नर्सिंगहोमों में केवल इमरजेंसी सेवाएं ही उपलब्ध कराई जा सकती हैं। साथ ही ऑपरेशन से पहले कोविड-19 की जांच जरूरी है। किसी भी मरीज की कोरोना जांच से पहले सर्जरी नहीं की जाएगी।
एसीएमओ डॉक्टर संजय कुमार की टीम ने शुक्रवार को आभा हास्पिटल आस्था नर्सिंगहोम, न्यू अल कबीर हास्पिटल, न्यू जीवन रक्षा नर्सिंग होम और श्री राम रतन मेमोरियल हास्पिटल का निरीक्षण किया। नोडल अफसर ने केवल इमरजेंसी सेवाएं दिए जाने की बात कही। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क सैनिटाइजर की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। कहा कि कोविड-19 के अंतर्गत किसी भी रोगी में सिम्टोमैटिक लक्षण पाए जाने पर तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जाए। रजिस्टर में उस रोगी का मोबाइल नंबर. आधार नंबर, व निवास का पता अवश्य अंकित करें। जनरल सर्जन/ आर्थो सर्जन की ओर से ओपीडी के सेवाएं दी जाएं। आपरेशन से पहले ट्रैवेल हिस्ट्री लेकर प्रोटोकाल के अनुसार कोरोना की जांच कराने के उपरांत ही आपरेशन किया जाए। एसीएमओ ने अन्य राज्यों से आये हुए प्रवासी श्रमिक/ यात्री, अगर यह बिना किसी सूचना के आते है तो उनकी सबसे पहले थर्मल स्कीनिंग कराई जाए। शरीर का तापमान अधिक होने पर संबंधित रोगी का नाम, मोबाइल नम्बर व अधार नम्बर मुख्य चिकित्साधिकारी के कोरोना कंट्रोल कक्ष नंबर 5 व जिला चिकित्सालय में दें। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोविड-19 गाइडलाइन के इतर अस्पताल चलाए जाएंगे तो महामारी अधिनियम की धारा 188 के अन्तर्गत कार्यवाही की जा सकती है। एसीएमओ ने साफ किया कि वैश्विक महामारी के दौर में किसी प्रकार की अनदेखी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब तक शासन की नई गाइडलाइन नहीं आती है तब तक केवल इमरजेंसी सेवाएं निजी अस्पताल दें। कोरोनावायरस के लक्षण मिलने पर मरीज को सदर अस्पताल रेफर कर देंगे।