फतेहपुर। बेबसी, लाचारी और बेटी का क्रंदन देखकर हर किसी के कदम ठहर गए। चार दिन से वृद्ध महिला सदर अस्पताल की गैलरी में लेट अपने अंतिम सांसें गिन रही है। साथ में बिलख रही बेटी की कोई सुनने वाला नहीं है।
अमौली के बकियापुर गांव की रहने वाली सुमित्रा रैदास चार दिन से सदर अस्पताल में अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। पति की दस साल पहले मौत हो गई थी। पति ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी की दो बेटी हैं। जिन्होंने सुमित्रा तो घर से निकाल दिया। साथ में आई बेटी रोशनी का कहना है कि घर जाने के लिए पैसे नही है। खाना खाने के लिए भी इनके पास पैसे नही है। हालात देखकर अस्पताल के कुछ लोगों ने खाने को दिया। बताया कि
सुमित्रा को टीबी है। इलाज कराने आए थे। डाक्टर ने दवा दी थी। जबकि इनको भर्ती करने की जरूरत है। इनकी बेबसी और हालात देखकर सभी कुछ न कुछ खाने व आर्थिक मदद कर रहें है। लेकिन इनकी व्यवस्था के नाम पर चिकित्सीय सुविधा बेमतलब साबित हो रही है। गैलरी में लेटे होने के बाद भी किसी डाक्टर व अन्य स्टाफ ने भर्ती तक नही किया। साथ में रह रही रोशनी कहती है कि गांव जाएंगे तो मारकर भगा देंगी। सीएमओ डॉक्टर उमाकांत पांडेय ने कहा कि मामला संज्ञान में नही है। महिला व उसकी बेटी को एंबुलेंस से घर भेजवा दिया जाएगा।