फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के नउवाबाग में लॉकडाउन में सीज शराब गोदाम से 133 पेटी शराब गायब हो गई। यह गोदाम अयाहशाह विधायक विकास गुप्ता के भाई का है। पुलिस ने एक माह बाद रिपोर्ट दर्ज की है। माल की कीमत साढ़े आठ लाख के करीब है। गोदाम की देखरेख करने वाले कर्मचारियों पर फर्जीवाड़ा, गबन की रिपोर्ट लिखाई गई है।
पूर्व मंत्री राधेश्याम गुप्ता के बेटे रमेश चंद्र गुप्ता का नउवाबाग में शराब गोदाम है। उनकी ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि अस्वस्थ होने के कारण कार्य की देखभाल नहीं कर रहे थे। करीब सालभर से कर्मचारी प्रभात कुमार गुप्ता (निवासी अशोक नगर) और विकास शर्मा (निवासी चित्रांश नगर) काम देख रहे थे। कुछ दिन पूर्व उन्हें एकाउंट और स्टाक में हेराफेरी की जानकारी पर कर्मचारियों को कई बार बुलाया। वह आनाकानी करते रहे। दस अप्रैल को विकास शर्मा आया। टैक्स जमा करने के लिए कागज निकालने और स्टाक मिलाने के लिए गोदाम
खोला गया। विकास शर्मा ने पुलिस को सूचना दे दी। अधिकारियों ने गोदाम को सीज कर दिया। डीएम के आदेश पर छह मई को आबकारी निरीक्षक ने गोदाम की सील खोली। सत्यापन में स्टाक से 133 पेटी शराब करीब साढ़े आठ लाख कीमत की हेराफेरी पाई गई। माल को चोरी से बेचा गया। दोनों कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। चर्चा है कि मामले में गोदाम मालिक ने कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराकर खुद को सुरक्षित कर लिया है। बता दें इसी गोदाम में दस अप्रैल को एसडीएम, सीओ सिटी शराब बिक्री की सूचना पर पहुंचे थे। उन्होंने आबकारी टीम को भी बुलाया था। आबकारी टीम ने गोदाम चेक कर सबकुछ दुरुस्त बताया था। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है।