फतेहपुर। जनपदवासियों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के मिलते-जुलते लक्षण पाए जाने पर जो नमूने भेजे गए थे, उनमें से 26 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
कोरोना सेल प्रभारी केके श्रीवास्तव ने बताया कि नौ और दस अप्रैल को जांच के लिए सैंपल वाराणसी लैब में भेजे गए थे। सोमवार सुबह 26 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे ने राहत की सांस ली है। जनपद में अभी तक एक भी कोरोना पॉजिटिव का प्रकरण नहीं आया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को 11 नए लोगों के नमूने जांच के लिए प्रयागराज मेडिकल कालेज भेजे गए हैं।
फतेहपुर। कोरोना (कोविड-19) के लक्षणों की जांच के लिए सैंपल भेजना अब और आसान हो गया है। अभी तक जांच के लिए जो सैंपल वाराणसी भेजे जा रहे थे, अब प्रयागराज के मेडिकल कालेज भेजे जाएंगे। इससे सैंपल भेजने और रिपोर्ट मंगाने में समय व दूरी की बचत होगी। उधर, सोमवार को जिले में एक हजार सैंपल किट
भेजी गईं। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय ने बताया कि पहले सैंपल लखनऊ के केजीए (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी) भेजे जाते थे। इसके बाद सैंपल वाराणसी भेजे जाने लगे। अब सैंपल प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक सैंपल वाराणसी भेजने में दस से ग्यारह घंटे तक लग जाते थे। अब प्रयागराज मेडिकल कालेज चयनित होने से यही काम महज पांच से छह घंटे में ही हो जाएगा। अब हमें सैंपल भेजने में और आसानी होगी।
विजयीपुर। सब्जी विक्रेता रामलखन के बेटे श्यामबाबू की कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वह अहमदाबाद से आया था। उसे खांसी आने पर लोगों ने प्रशासन को फोन कर उसे जिला अस्पताल पहुंचवाया था। चार दिन पहले कोरोना संक्रमण की जांच के लिए इसका सैंपल भेजा गया था। रिपोर्ट निगेटिव आने से क्षेत्र में लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि श्यामबाबू को तबीयत ठीक होने तक 14 दिन अलग रहने की सलाह दी गई है। संवाद
कोरोना सैंपल लेने के लिए शासन से भेजी गईं कुछ किट लीक कर गईं। जिसके कारण उन्हें नष्ट कर दिया गया। हालांकि उनके स्थान पर नई किटों की उपलब्धता भी करा दी गई। कोरोना सैंपल लेने के लिए आई किट में से 25 किट खराब निकलीं। जिन्हें सीएमओ ने नष्ट करा दिया। उनके स्थान पर सोमवार को एक हजार नई किट की भी आमद हो गई है।