फतेहपुर। बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह, शाम रोस्टिंग और दोपहर को शार्ट सर्किट से फसलों में आग न लगे, इससे बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। गर्मी बढ़ने से लोगों को बिजली कटौती अखरने लगी है। दिनभर में एक-दो घंटा ही बिजली मिल पाती है।
थरियांव और लतीफपुर (करमचंद्रपुर सांड़ा) उपकेंद्र से संबद्ध गांवों में रोस्टर के मुताबिक सुबह पांच बजे बिजली काट दी जाती है। नौ बजे आपूर्ति शुरू की जाती है, लेकिन करीब एक घंटे बाद शार्ट सर्किट से फसलों में आग न लग जाए, इस वजह से आपूर्ति बंद कर दी जाती है। थरियांव के मंडासराय फीडर के भैरमपुर गांव निवासी राजेश द्विवेदी ने बताया कि फसलों में आग लगने की मुख्य वजह जर्जर तार हैं। फीडर में तीन किमी तक जर्जर तार लगे हैं। इस बार ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के मुताबिक सुबह, शाम तीन-तीन घंटे और दोपहर में चार घंटे की कटौती
की जाती है। फिर भी जर्जर तार नहीं बदलवाए जा रहे हैं। इसी तरह लतीफपुर उपकेंद्र के एकारी फीडर से संबद्ध गांवों में बिजली कटौती से दिक्कतें बढ़ गई हैं। रोस्टिंग की वजह से बच्चों की पढ़ाई और लोगों को पानी भरने की समस्या हो रही है। अधिशासी अभियंता मेघ सिंह ने कहा कि दोपहर में शार्ट सर्किट से फसलों में आग न लग, इसको लेकर सप्लाई बंद कराई जाती है। जब किसानों की फसलें कट जाएंगी तो दोपहर की सप्लाई बहाल कराई जाएगी। सुबह, शाम की रोस्टिंग का आदेश लखनऊ से आता है। इस समय सप्लाई पावर ग्रिड से बंद की जाती है।