बहुआ (फतेहपुर)। भट्ठे से मजदूरी कर लौट रहे किशोर की शनिवार को ट्रैक्टर से गिरकर मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से मना कर दिया। लोगों को समझाने के करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। हादसे की वजह चालक के अचानक ब्रेक मारने से किशोर का नीचे गिरकर कुचलना बताया गया।
ललौली थानाक्षेत्र के सुजानपुर के पांडेतालाब कंजरनडेरा निवासी दिवंगत राजबहादुर का बेटा श्यामू गिहार(16) घर से गांव के ही शिवा गिहार के साथ एक भट्ठे में भोर तीन बजे कच्ची ईंट भराई करने गया था। लगभग दस बजे साथी मजदूरों धर्मवीर गिहार, नीरज गिहार, अमित गिहार व चालक के साथ घर लौट रहा था। ट्रैक्टर बहुआ गैस एजेंसी के पास पहुंचा तो ट्राली में लटककर बैठे श्यामू की टोपी हवा में उड़ गई। श्यामू ने चालक को रुकने के लिए आवाज लगाई, चालक ने तेज रफ्तार में इमरजेंसी ब्रेक मार दी। इससे श्यामू अनियंत्रित होकर ट्राली से नीचे गिरा और पहिए से कुचल गया। उसी ट्रैक्टर में उसके साथी किशोर को लेकर पीएचसी पहुंचे। डॉक्टर ने हालत
नाजुक देखकर जिला अस्पताल को रेफर किया। पीएचसी से कुछ दूरी पर किशोर की सांसें थम गईं। परिजन शव लेकर घर चले गए। घटना से कोहराम मच गया। पुलिस शव कब्जे में लेने पहुंची। परिजनों ने शव उठाने से रोक दिया। पुलिस शव को कब्जे में लेने की कोशिश करती तो बहनें शव से लिपट जाती। ग्रामीणों ने आरोपी ट्रैक्टर चालक को पकड़ने की मांग की। करीब डेढ़ घंटे बाद कुछ रिश्तेदार पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह से परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया गया। पुलिस ने ट्रैक्टर को पकड़ लिया है। घटना से मां पुष्पा देवी और बहनों बीनू, रीनू, शीलू, रीतू, गुड्डी, पूनम, आरती का हाल बेहाल हो गया। उसका एक बड़ा भाई रामू व छोटा भानू है। एसओ प्रदीप यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
फोटो संख्या एवं परिचय-
8- तालाब में मरी मछलियां दिखाता पट्टेधारक
तालाब में एक क्विंटल मछलियां मरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चौडगरा। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मौहार गांव में शनिवार को एक तालाब में करीब एक क्विंटल मछलियों की मौत हो गई। पहले यह शक जताया गया कि पानी जहरीला हो जाने से मछलियां मरी होंगी। पर, अन्य मछलियों के सुरक्षित होने से जहर की आशंका खारिज हो गई। पट्टाधारक राजू सोनकर ने बताया कि करीब एक क्विंटल मछलियां मरी है। काफी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि धूप तेज होने की वजह से ठहरे पानी में गैस बन गई होगी। इससे गैस खत्म करने को तालाब में और पानी डाला गया है। पहले तालाब के पट्टे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद रहता था। अब पक्षों के बीच समझौता हो चुका है।