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संयोग या साजिश: दोनों ट्रकों पर एक जिले की नंबर प्लेट

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फतेहपुर। बकेवर थाना क्षेत्र के नामामऊ में हादसा करने वाले दोनों ट्रकों के नंबर प्लेट एक ही जिले के हैं। यह संयोग है या साजिश इस पर कयासों का बाजार गर्म है। दोनों ट्रकों की पूरी जांच पड़ताल के बाद मामला स्पष्ट होगा। पुलिस दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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बकेवर थाने के नामामऊ हादसे में ट्रक से कुचलकर हेड कांस्टेबल जगरूप प्रसाद की मौत हुई है। गोवंश लदे ट्रक का नंबर यूपी 50-एटी 1999 लिखा था। उसी ट्रक में खलासी साइड से टक्कर मारने वाला ट्रक भी यूपी 50 का है। उस पर यूपी 50-बीटी-6015 लिखा था। यूपी 50 डिजिट आजमगढ़ जिले का है। गिट्टी लदा ट्रक टक्कर मारने के बाद भागा था। उसे थानेदार अरविंद कुमार गौतम ने पीछा कर पकड़ा। पुलिस ने गिट्टी लदे ट्रक के चालक खलासी से प्रांरभिक पूछताछ की है। जिसमें झांसी से गिट्टी लादकर अंबेडकर नगर जाने की बात सामने आई है।
झांसी से अंबेडकर नगर के लिए घाटमपुर, भोगनीपुर जाने का सीधा रास्ता है। जबकि जहानाबाद चौडगरा से कई किलोमीटर घूमकर जाने पर यह रास्ता पड़ता है। हाईवे पर गोवंश लदे ट्रकों की बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। एक ट्रक की तस्करी में लाखों का खेल होता है। ट्रकों और तस्करों को बचाने के लिए हर तरह के रास्ते अपनाए जाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि गोवंश लदा ट्रक का चालक पीछे आने वाले गिट्टी लदे ट्रक के संपर्क में रहा होगा।
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खुद के फंसने की बात बताई होगी। उसने अपने बचाव के लिए ट्रक भिड़ंत की साजिश भी रची जा सकती है। ट्रक भिड़ंत के बाद गोवंश लदे ट्रक के चालक और अन्य आरोपियों को भागने का मौका मिल जाता। पीआरवी भी मौके पर खड़ी थी। यह देखकर दुर्घटना को अंजाम दिया गया। गोवंश लदे ट्रक के आगे हेड कांस्टेबल खड़े होने का पता गिट्टी लदे ट्रक चालक को भी न रहा होगा। थानेदार अरविंद कुमार गौतम ने बताया कि गोवंश लदे ट्रक की जांच की जा रही है। टक्कर मारने वाले चालक, खलासी से भी पूछताछ हो रही है। टोल प्लाजा बचाने के चक्कर में ट्रक इस रूट पर आते हैं।
जिले के हाईवे पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी बड़े स्तर पर होती है। तस्करों का टैंकर खागा हाईवे पर दुर्घटना के बाद बुधवार को पकड़ा गया था। उसके बाद बकेवर हादसे में गोवंश लदा ट्रक वजह बना है। बकेवर हादसे में प्रतिबंधित पशु तस्करी की एफआईआर भी दर्ज की गर्ई है। इस ट्रक में 21 गोवंश थे। जिसमें आठ गोवंश की मौत हो गई। तीन गंभीर रूप से घायल है। सात गोवंश बचे हैं। इन गोवंश को पुलिस ने शिवराजपुर गोशाला पहुंचाया है। पशु तस्करों के ट्रकों से पहले भी पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों की जान जा चुकी है।
गोवंश लदे ट्रक की पुलिस ने तलाशी ली है। ट्रक के कागजात नहीं मिले है। जिससे ट्रक में पड़ा नंबर सही है इसकी स्थिति साफ नहीं हो सकी है। अक्सर ऐसा काम में लगे ट्रकों के नंबर प्लेट फर्जी लगी होती है। जिले की सीमाओं को पार करते ही नंबर प्लेट भी बदलते रहते हैं। पुलिस चेचिस नंबर को ट्रेस कर एआरटीओ दफ्तर से सही नंबर पता लगाएगी। उसके बाद ट्रक मालिक से संपर्क करेगी।
गोवंश लदे ट्रक से कुछ कदम पीछे पीआरवी मौके पर पहुंचने के बाद खड़ी हुई थी। करीब बीस मिनट बाद गिट्टी लदा ट्रक पहुंचा। पीआरवी कर्मियों की बोलेरो गिट्टी लदा ट्रक आने से दस सेकंड पहले मौके से हटकर ट्रक के आगे खड़ी हुई थी। थोड़ी भी देर हो जाती तो ट्रक की टक्कर बोलेरो से होने की संभावना थी। उसमें टक्कर होती तो पीआरवी चालक और कांस्टेबल दुर्घटना का शिकार होते।
हेड कांस्टेबल ने बुधवार रात ड्यूटी पर जाने से पहले परिवार से बातचीत की थी। पोस्टमार्टम हाउस में उनकी पत्नी बिंदु देवी रो- रो कर बदहवास दिखी। उन्हें रिश्तेदार महिला संभालती दिखी। बिंदु देवी ने बताया कि करीब रात के आठ बजे पति का फोन आया था। उन्होंने खाना पानी करने के बारे में पूछा था। उसके बाद खुद को होटल जाकर खाने की बात कही थी। वह थाने में ही रहा करते थे। उसके बाद बेटे अनिल से बात हुई थी। बेटे का भी हालचाल पूछा था। तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को वापस ड्यूटी पर आए थे। छुट्टी पर बहन के घर बारात में शामिल होनेघ गए थे। उनके परिवार में पत्नी बिंदु देव ी, बड़ा बेटा रवींद्र(22), अनिल(18), अरविंद(15), रवि(10), बेटी काजल (7) है। बेटे और बेटी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। वही परिवार की देखरेख और भरण पोषण का सहारा थे।
वाणिज्य विभाग के साथ घाटमपुर पर नौबस्ता मंडी समिति की भी टीम मौजूद थी। संयुक्त टीमों ने ट्रक का पीछा किया था। वाणिज्य टीम को टैक्स चोरी संबंधी माल ट्रक में होने की आशंका हुई थी। वहीं मंडी की टीम को कच्चे माल का शुल्क अदायगी न कर ट्रक के भागने का शक था। दो सरकारी वाहन पीछे लगे होने से ट्रक चालक ने खुद को फंसना तय माना होगा। तभी ट्रक छोड़कर भागा।
कोट्स
कई बार ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। करीब चालीस किलोमीटर तक पीछा किया। ट्रक चालक अपनी सुविधा के अनुसार ट्रक खड़ा कर भाग निकला था। उसमें कितने लोग थे यह भी नहीं देख पाए। ट्रक मिलने के बाद आसपास तलाश की। कोई नहीं मिला था। गोवंश मिलने पर पुलिस को सूचना देकर लौट आए थे बाद में अफसोसजनक हादसे की जानकारी हुई।
अंबुज सिंह - वाणिज्य कर कमिश्नर सचल दल कानपुर
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सहायक वाणिज्य कर अधिकारी की सूचना पर पीआवी पहुंची थी। मौके पर ट्रक को कब्जे में लेने का कार्य शुरू किया था। दूसरे ट्रक ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। हेड कांस्टेबल के परिवार के लिए विभाग पूरी तरह से हर संभव मदद का दायित्व निभाएगा। दुर्घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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प्रशांत वर्मा- एसपी ===========================
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