फतेहपुर। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर बनने जा रहा है। ऐसे में हिंदू समाज की जिम्मेदारी बनती है कि अब कोई और दूसरा बाबर, मंदिर तोड़ने को दिल्ली, फैजाबाद या कजाकिस्तान में पैदा न हो सके। रामराज्य का सपना तभी पूरा होगा जब देश गरीबी, बेरोजगारी से मुक्त होगा।
शहर के पीलू तले चौराहा स्थित संगठन के धर्म रक्षा विधि कार्यक्रम में शामिल होने आए डा. तोगड़िया ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कहा कि देश में केवल 62 उद्यमियों को ही सरकारी की नीतियों का लाभ मिल रहा है। यह वह उद्यमी हैं, जिनकी आमदनी सरकार से चार गुना है। ‘सच बात तो यह है कि मुठ्ठी भर लोगों के पास पैसा है, बाकी भूखे सो जाते हैं’। कहा कि राम मंदिर तो बनने जा रहा है, लेकिन रामराज्य दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है। रामराज्य का सपना तभी साकार होगा, जब युवाओं को रोजगार, अच्छी शिक्षा और लोगों को अच्छा इलाज मिलेगा। जोर दिया कि मंदिर कैसे बनेगा, क्या मॉडल होगा, इससे बड़ी बात रामराज्य की स्थापना के लिए काम करना होगा।
मीडिया से बातचीत में डा. तोगड़िया ने सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर गुजरात के पटेल आंदोलन का जिक्र किया। कहा कि तब सात से आठ लाख आंदोलनकारियों को सरकार ने महज चार घंटे में बिखेर दिया गया था, आंदोलनकारियों के बीच गोलियां दागी गईं थीं। वही सरकार, अब ऐसा क्यों नहीं कर रही है। शाहीनबाग का जिक्र करते हुए हिंदुओं को जगाने के नाम पर भाजपा के मार्केटिंग करने की बात भी कही। अन्ना मवेशियों से फसलों को हो रहे नुकसान पर कहा कि मामले में पुख्ता इंतजाम किया जाने चाहिए, ‘क्योंकि फसल नहीं बचेगी तो किसान खाएगा क्या’।
तोगड़िया ने सरकारी नीतियों की चुटकी ली। कहा कि 41 साल पहले एमबीबीएस बनने गए थे। तब एक महीने की फीस 25 रुपये थी। यानी साल में तीन सौ रुपये खर्च आता था। आज डॉक्टर बनने में एक करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी बढ़ रही हैं, यहां पैसे वाले का बेटा ही डॉक्टर बन सकता है।
डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने राम मंदिर आंदोलन की तुलना यहूदी संघर्ष से की। कहा कि जिस पर यहूदियों ने अपनी मातृभूमि के लिए संघर्ष किया। वैसा ही संघर्ष का गवाह राम मंदिर आंदोलन भी रहा है। जिसमें लाखों कारसेवकों का पसीना, हजारों कारसेवकों का बहा रक्त शामिल है। कहा कि ‘32 साल तक मैं भी डंडा घुमाता रहा। राम मंदिर किसी एक शख्स या फिर नेता के कारण नहीं बनने जा रहा है’।