फतेहपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा के लिए बाध्यता खत्म होने से किसानों के चेहरे खुश कर दिए हैं। अब बीमा करने के लिए बैंक को किसानों की सहमति लेनी जरूरी होगी। अभी तक बिना किसी पूर्व सूचना के किसान के खाते से सीधे प्रीमियम की राशि काट ली जाती है। इसे लेकर किसानों में काफी असंतोष था।
रबी और खरीफ की बुआई के समय प्रधानमंत्री फसल बीमा और मौसम आधारित फसल बीमा योजना से फसलों का बीमा किया जाता है। इसके लिए बैंक शाखा प्रबंधकों को हर साल लक्ष्य दिया जाता है। इसको पूरा करने के लिए किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड को बैंक प्रबंधक इस्तेमाल करते हैं। किसानों को बिना सूचना दिए ही केसीसी से धनराशि निकाल कर किसानों की फसलों का बीमा कर देते हैं। किसानों को प्रीमियम की धनराशि का ब्याज भरना पड़ता है। दैवीय आपदा न होने पर छह महीना बाद फसल बीमा का समय अपने आप खत्म हो जाता है। बहुत से किसान ऐसे हैं जो फसलों का बीमा नहीं कराना चाहते है, लेकिन उनके खाता से धनराशि निकाल ली जाती थी।