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हत्या के बाद शव ट्रैक पर फेंकने की एफआईआर

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फतेहपुर। वाह री पुलिस! हादसे को हत्या मानने में पुलिस को सात महीने लग गए। शहर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गा मंदिर रेलवे ट्रैक के पास सात महीने मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने हादसा बताकर परिजनों को टरका दिया था। अब अदालत के आदेश पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के पीरनपुर निवासी हलीम ने बताया कि उनके दामाद सगीर अहमद का बेटा तौफीक अहमद (24) मुंबई में दस साल से प्राइवेट नौकरी कर रहा था। बारिश के समय यहां लौट आया था। उसकी दोस्ती मोहल्ले के ई-रिक्शा चालक वसीम उर्फ बदन सिंह हो गई थी। बदन सिंह ने तौफीक से दस हजार रुपये ले रखे थे। उसका मोबाइल भी लिए रहता था। पांच अगस्त की सुबह करीब तौफीक घर से मोबाइल में बातचीत करते निकला था। बाद में उसका शव मिला था। शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने ट्रेन से दुर्घटना के कारण मौत होना बताया। दो दिन बाद मोहल्ले के मोहम्मद अकरम, मोहम्मद निजाम ने बताया कि पांच अगस्त की सुबह करीब सात बजे वसीम, तौफीक व तीन अन्य लोगों को गढ़ीवा मोहल्ले में देखा था। उनके बीच आपस में कहासुनी हो रही थी। वसीम से कई बार मिलकर घटना के बारे में जानकारी की कोशिश की गई, लेकिन वह सामने नहीं आता है। छिपकर रहने लगा है। वसीम ने अपने साथियों संग पौत्र की पिटाई कर हत्या की है। उसके बाद दुर्घटना दर्शाने के लिए रेलवे ट्रैक पर शव फेंका। मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया था। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने 31 अक्तूबर को कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने वसीम और तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की है। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
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