किशनपुर। नगर पंचायत को ग्राफिक इन्फार्मेशन सिस्टम यानी कि जीआईएस से जोड़ा जाएगा। फोटो युक्त डिजिटल मैप के जरिए सृजित संपत्ति की निगरानी, नगर का भूभाग, नगर के मकानों की वास्तविक स्थिति को मंथली इन्फार्मेशन सिस्टम यानी कि एमआईएस से जोड़ा जाएगा।
इस व्यवस्था से नगर का नक्शा, चौराहों का नक्शा, इंटरनेट पर मौजूद रहेगा। अभी तक लोगों का भौतिक सत्यापन न हो पाने से पूरी तरह योजनाओं में पारदर्शिता नही रहती थी। अब इससे सिस्टम के लागू होने से योजनाओं में पारदर्शिता आने के साथ सम्बंधित की जवाबदेही भी तय होगी। अधिशाषी अधिकारी अजय कुमार पांडेय ने बताया जल्द ही हम टेंडर के माध्यम से जीआईएस और एएमआईएस करने वाली कंपनी को ठेका देंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सोनज्ञ्कर ने बताया जल्द ही नगर पंचायत जीआईएस और एमआईएस सिस्टम से लैस होगा और नगर की हर चीज ऑनलाइन होगी। जो नगर पंचायत को हाईटेक बनाने में सहयोगी होगी।
क्या है जीआईएस
जियोग्राफिकल इन्फार्मेशन सिस्टम वास्तव में भूगोल की एक प्रमुख शाखा है। रिमोर्ट सेंसिंग डिजिटल तकनीकी व हाईटेक संसाधनों से लैस यह शाखा पुराने आंकड़ों के साथ नए आंकड़ों को संशोधित व परिमार्जित करती है।
क्या होंगे लाभ
खेत, खलिहान, घर, चौराहे प्रमाणित माप के साथ उपलब्ध होंगे। लाभ की योजनाओं में वास्तविक पात्र व्यक्ति की पहचान होगी। वृद्ध, विकलांग, विधवा, कच्चे घर संबंधी वास्तविक डाटा नगर पंचायत के पास उपलब्ध होगा। जल कर, गृहकर ऑनलाइन जमा हो सकेगा।