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न्यायिक कामकाज से विरत रहे अधिवक्ता

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फतेहपुर। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अधिवक्ताओं पर पुलिस की बर्बरता के खिलाफ जिले के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कामकाज नहीं किया। बार काउंसिल के आवाह्न पर ऐसा किया गया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन भी दिया।
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डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील मिश्र और महामंत्री विजय कुमार सिंह की अगुवाई में अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने कहा कि तीस हजारी कोर्ट परिसर में पुलिस की फायरिंग से घायल हुए अधिवक्ताओं को मुआवजा दिया जाए। अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पारित करने, न्यायालय परिसर में पुलिस
अधिकारियों/सिपाहियों के असलहे लेकर प्रवेश पर रोक लगाने, अधिवक्ता भविष्य निधि को सवा लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने और अधिवक्ताओं के मामलों के त्वरित निस्तारण करने समेत सात सूत्री मांगे हैं। इसी क्रम में खागा और बिंदकी में भी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। दोनों तहसीलों में अधिवक्ताओं ने अपनी
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तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को ज्ञापन दिया। जिले भर में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यों से विरत रहने के कारण कचहरी में एक भी काम नहीं हो सके और सभी अदालती वादों में अगली तारीखें दे दी गईं। कलक्टे्रट में ज्ञापन देने के दौरान अधिवक्ता रामजी सहाय, मुलायम सिंह यादव, अरुण कुमार, नीलकांत गुप्ता, अरविंद नरायन
मिश्र, राजेश श्रीवास्तव, बंशीलाल आदि रहे। खागा प्रतिनिधि ने बताया कि खागा में मॉडल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण यादव, मंत्री धर्मेंद्र सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह, नेमसिंह, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, फूल सिंह, निरंजन सिंह, सुशील नारायण शुक्ला, मोहम्मद लतीफ, आशुतोष पांडेय, राहुल तिवारी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
बिंदकी प्रतिनिधि ने बताया कि बार एसोसिएशन बिंदकी के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार की अगुवाई में कार्य बहिष्कार हुआ। इस मौके पर अरुण द्विवेदी, शीतेष तिवारी उर्फ गोल्डी, राजेश तिवारी, विनोद कुमार, सुरेंद्र तिवारी आदि रहे।
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